ESIC · Upper Division Clerk · हिंदी माध्यम — Mangal और Kruti Dev

ESIC UDC हिंदी टाइपिंग टेस्ट — मंगल और कृति देव, दोनों लेआउट

ESIC UDC हिंदी टाइपिंग टेस्ट — Mangal (इनस्क्रिप्ट) और Kruti Dev (रेमिंगटन), एक ही जगह

ESIC UDC की हिंदी टाइपिंग दो लेआउट में होती है — Mangal (InScript) और Kruti Dev (Remington)। दोनों पर एक ही नियम लागू है: 30 Net WPM की क्वालिफ़ाइंग स्पीड, दस मिनट का विंडो, और क़रीब 1,500 से 1,800 की-डिप्रेशन का एक ESI अधिनियम और चिकित्सा-लाभ प्रशासन पैसेज, जिसमें बीच-बीच में 17-अंक की बीमा संख्या embedded होती है। पैटर्न SSC CHSL जैसा है, क्योंकि ESIC notification उसी skill-test annexure को verbatim अपनाती है और वही vendor — TCS-iON या NSEIT — इस्तेमाल करता है; फ़र्क़ सिर्फ़ कीबोर्ड के व्यवहार और पैसेज के register का है। नीचे से वही लेआउट चुनिए जो आपके admit card पर लिखा है, और सीधे टेस्ट शुरू कीजिए — दोनों के लिए अलग गाइड, स्कोरिंग, ESI-शब्दावली व बीमा-संख्या ड्रिल और चार हफ़्ते का प्लान इसी पेज पर है।

स्पीड कटऑफ़
30 WPM
अवधि
10 मिनट
की-डिप्रेशन
~1,650
लेआउट
2 विकल्प
स्कोरिंग
Net WPM

अपना लेआउट चुनें

admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए — दोनों टेस्ट अलग हैं
हिंदी मंगल · InScript

हिंदी मंगल (इनस्क्रिप्ट)

आधुनिक यूनिकोड मानक। मात्रा व्यंजन के बाद आती है, यानी जिस क्रम में हम हिंदी पढ़ते हैं। नए उम्मीदवारों के लिए आसान, हर सिस्टम पर compatible — और वही यूनिकोड ESIC की e-Sewa, Pehchan और claim-MIS में भी काम आता है। हाल के सभी ESIC cycles में Mangal default रहा है।

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हिंदी कृति देव · Remington

हिंदी कृति देव (रेमिंगटन)

लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट। इ-मात्रा व्यंजन से पहले आती है (उल्टा क्रम), और अंक-keys अलग जगह हैं। टाइपराइटर पर सीखे, और SSC स्टेनो व कोर्ट-क्लर्क की भी तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए — एक ही रेमिंगटन प्रैक्टिस तीनों में चलती है।

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दोनों टेस्ट में 30 Net WPM कटऑफ़, 10 मिनट और बैकस्पेस की अनुमति एक जैसी है — केवल कीबोर्ड लेआउट, फ़ॉन्ट और अंक-mapping अलग हैं। पक्का न हो तो नीचे Mangal बनाम Kruti Dev की तुलना पढ़ लीजिए।

क्या आपकी पोस्ट English stream की है? Commerce graduates और EPFO repeaters में English ज़्यादा चुना जाता है — 35 WPM कटऑफ़ पर, उसी 10-मिनट window में, उसी Net WPM scoring पर।
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ESIC UDC हिंदी टाइपिंग टेस्ट किन उम्मीदवारों के लिए है?

उत्तर भारतीय क्षेत्रीय कार्यालयों और हिंदी-माध्यम commerce graduates के लिए — चाहे Mangal चुना हो या Kruti Dev

Upper Division Clerk ESIC का वरिष्ठ clerical cadre है — 32 राज्य-स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालयों और ESIC अस्पताल व मेडिकल कॉलेज से जुड़े उप-क्षेत्रीय कार्यालयों में तैनात होने वाला। हिंदी stream विशेष रूप से उत्तर भारतीय क्षेत्रीय कार्यालयों में बड़ा share रखती है, जहाँ tier-2 और tier-3 शहरों से आने वाले हिंदी-माध्यम commerce graduate उम्मीदवार दबदबा रखते हैं और 5 WPM कम कटऑफ़ practice का अंतर तय करता है। नीचे वे profiles हैं जहाँ यह 30 WPM हिंदी track सीधे लागू होता है।

UDC — उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय

हिंदी-belt क्षेत्रीय कार्यालयों में UDC

कानपुर, पटना, लखनऊ, जयपुर, भोपाल और इंदौर के ESIC क्षेत्रीय कार्यालयों में बीमित-व्यक्ति-side correspondence हिंदी-first चलती है। चिकित्सा-लाभ दावे, बीमारी-लाभ application और औषधालय रेफ़रल नोट — अधिकांश हिंदी में आते हैं। इन zones के UDC aspirants में 65% से ज़्यादा हिंदी चुनते हैं।

UDC — हिंदी-माध्यम commerce graduates

B.Com (हिंदी माध्यम) से आए aspirants

उत्तर भारत के राज्य विश्वविद्यालयों (Lucknow, Kanpur, Patna, Jaipur, Bhopal) से हिंदी-माध्यम में B.Com कर चुके उम्मीदवार। ESI की शब्दावली (अंशदान, बीमित व्यक्ति, लाभार्थी, नियोक्ता, चिकित्सा लाभ) उनकी पढ़ाई के register से मेल खाती है। 30 WPM का target उनके लिए 12-WPM start से 5-6 हफ़्ते में पहुँचने योग्य है।

कृति देव · स्टेनो/कोर्ट overlap

UDC — जो SSC स्टेनो या कोर्ट-क्लर्क भी भर रहे

SSC स्टेनोग्राफर और कई राज्य हाई-कोर्ट क्लर्क परीक्षाएँ आज भी रेमिंगटन/कृति देव अनिवार्य रखती हैं। ऐसे उम्मीदवार ESIC में भी कृति देव चुनकर एक ही रेमिंगटन practice set तीनों परीक्षाओं में लगा लेते हैं — केवल register बदलता है, muscle memory दोबारा बनानी नहीं पड़ती।

EPFO crossover

EPFO SSA repeaters जो ESIC भी देते हैं

ESIC और EPFO एक ही पैरेंट मंत्रालय (श्रम एवं रोज़गार) के अधीन हैं, वही vendor और वही पैटर्न। जिसने पिछले cycle में EPFO SSA हिंदी typing पास की है, उसकी मात्रा-discipline current है — सिर्फ़ शब्दावली बदलती है: भविष्य-निधि वाले शब्द जाकर बीमित-व्यक्ति, औषधालय, चिकित्सा-लाभ वाले आते हैं।

पहली बार ESIC UDC आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के साथ सबसे आम भूल यह है कि वे typing prep को Phase-1 और Phase-2 के बाद तक टाल देते हैं। ESIC का selection sequence है — Phase-1 prelims → Phase-2 mains → typing → Document Verification। Phase-2 result के बाद typing-slot आम तौर पर तीन-चार हफ़्ते में आता है। 12 WPM से 30 WPM Net तक का realistic ramp पाँच-छह हफ़्ते माँगता है — गणित मुड़ता नहीं चाहे calendar कितना भी तंग हो, और चाहे लेआउट Mangal हो या Kruti Dev। दूसरी आम ग़लती: हिंदी-माध्यम स्कूली पढ़ाई और हिंदी typing reflex को एक मान बैठना। B.Com (हिंदी) कर चुका उम्मीदवार जो आज भी WhatsApp में अंग्रेज़ी टाइप करता है, परीक्षा-दिवस पर 18-20 WPM से ऊपर नहीं जा पाता। School-medium अलग बात है, daily finger-reflex अलग। एक हफ़्ता दोनों भाषाओं में 5-मिनट के baseline mocks चलाएँ — जिसमें ज़्यादा Net WPM आए, वही चुनें। और अगर आपने पिछली बार EPFO SSA हिंदी पास की थी, तो स्पीड पर दोबारा मेहनत मत कीजिए — सिर्फ़ ESI register (बीमित व्यक्ति, औषधालय, अंशदान अवधि, लाभ अवधि) को हफ़्ते भर सोखिए, बाक़ी reflex अपने-आप उठा लेता है।

ESIC UDC हिंदी टाइपिंग का आधिकारिक पैटर्न

10 मिनट, एक पैसेज, और 30 WPM की क्वालिफ़ाइंग रेखा — दोनों लेआउट पर समान

ESIC हर UDC notification में skill-test के नियम annexure में प्रकाशित करता है, और हाल के सभी cycles में पैटर्न SSC CHSL से मेल खाता रहा है — क्योंकि ESIC का notification उसी annexure language को verbatim अपनाता है और वही examination vendor इस्तेमाल करता है। नीचे जो भी नियम हैं, वे Mangal और Kruti Dev — दोनों लेआउट पर एक जैसे लागू होते हैं।

अवधि: एक सिटिंग में दस मिनट, एक पैसेज। घड़ी server-driven है और पूरे centre cohort में synchronised रहती है, तब शुरू होती है जब उम्मीदवार Start दबाए। पानी, कीबोर्ड समस्या या routine technical disturbance के लिए invigilator घड़ी रोक नहीं सकते। ESIC UDC के centre cohorts बड़े होते हैं, और बगल वाले के keyboard की आवाज़ एक settling-in cost है जो कोई calculate नहीं करता।

माध्यम और फ़ॉन्ट: application में जो भाषा और लेआउट चुना गया है, वही exam में मिलेगा। हिंदी उम्मीदवारों को Mangal (Unicode, InScript layout) या Kruti Dev (Remington layout) पैसेज मिलता है। परीक्षा के दिन माध्यम या फ़ॉन्ट बदलने का option नहीं है, और admit card पर यह explicit रूप से printed होता है। interface केवल चुना हुआ लेआउट load करता है — कोई fallback नहीं। ESIC notifications 18 से 30 महीने में आती हैं, इसलिए माध्यम का mismatch असामान्य रूप से महंगा है — admit card जिस दिन आए, उसी दिन practice corpus से मिलान कर लें।

पैसेज की लंबाई: लगभग 1,500 से 1,800 की-डिप्रेशन। 30 WPM की cutoff speed पर — यानी पाँच-अक्षर शब्द के हिसाब से क़रीब 150 keystrokes प्रति मिनट — पैसेज और window लगभग साथ ही ख़त्म होते हैं। ESIC का पैसेज tail में अक्सर 17-अंक की बीमा संख्या या नियोक्ता-कोड prefixes embedded होते हैं, जो धीमे finishers को सबसे ज़्यादा सज़ा देते हैं क्योंकि इन number-row clusters पर accuracy माँग बाक़ी prose से ज़्यादा है।

स्पीड कटऑफ़: हिंदी stream के लिए 30 Net WPM, हर क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालय posting के लिए — Mangal हो या Kruti Dev। कटऑफ़ binary है — समय ख़त्म होने पर net throughput cutoff पर या ऊपर = पास; नीचे = fail, no rounding, उस cycle में कोई resit नहीं। अगली ESIC UDC notification दो-तीन साल बाद भी आ सकती है, जो binary nature को असामान्य रूप से महंगा बनाता है।

केवल क्वालिफ़ाइंग: यह टेस्ट merit में नहीं जुड़ता। Phase-1 (200 अंक) + Phase-2 (200 अंक) लिखित के अंक rank बनाते हैं। पर जो उम्मीदवार typing cutoff से चूक गया, वह उस भर्ती cycle से हटा दिया जाता है — Phase-2 का score, Phase-1 का माहौर, कुछ काम नहीं आता।

ESIC, UDC हिंदी टाइपिंग की स्कोरिंग कैसे करता है

Net WPM, Gross नहीं — हर मात्रा और बीमा-संख्या का हर अंक एक अलग अक्षर गिना जाता है (दोनों लेआउट पर समान)

Net WPM, Gross नहीं। हिंदी में यह और भी मायने रखता है, क्योंकि अधिकांश free typing tutors मात्रा-गलतियों को अलग नहीं गिनते, जबकि ESIC का scoring engine हर मात्रा को अलग character मानता है — Mangal हो या Kruti Dev। ऊपर से ESIC के पैसेजों में 17-अंक की बीमा संख्या embedded होती है — और हर ग़लत अंक एक पूरी error गिनी जाती है। भारत में पाँच characters का एक "word" माना जाता है। यहाँ सटीक फ़ॉर्मूला है, एक काम किए हुए उदाहरण के साथ।

ग्रॉस WPM

ग्रॉस WPM कच्ची स्पीड को गिनता है — टाइप किए गए कुल अक्षर, पाँच की मानक शब्द-लंबाई से विभाजित, और बीते मिनटों से विभाजित।

Gross WPM = (Total characters typed / 5) / Minutes

नेट WPM

नेट WPM त्रुटियों को घटाता है। ESIC हर ग़लत अक्षर, हर छूटी मात्रा, हर छूटा अक्षर और बीमा-संख्या में हर ग़लत अंक को एक पूर्ण त्रुटि मानता है। कुल त्रुटियों को मिनटों से विभाजित करके penalty निकाली जाती है, और वह ग्रॉस WPM से घटा दी जाती है।

Net WPM = Gross WPM − (Total errors / Minutes)

काम किया हुआ उदाहरण

एक उम्मीदवार ने 1,650 सही अक्षर टाइप किए और 35 त्रुटियाँ (अधिकांश मात्रा-संबंधी, कुछ ESI शब्दावली में, और एक 17-अंक की बीमा संख्या में दो अंक ग़लत) दस मिनट में कीं।

Gross WPM = (1,650 + 35) / 5 / 10 = 33.7 WPM
Net WPM = 33.7 − (35 / 10) = 30.2 WPM
Accuracy = 1,650 / 1,685 × 100 = 97.92%

यह run 30 WPM की cutoff से बमुश्किल ऊपर रहा — 0.2 WPM का margin, यानी एक भी अतिरिक्त मात्रा-गलती या बीमा-संख्या में एक अंक का blunder इसे नीचे ले जाता। समस्या speed नहीं, मात्रा-accuracy और number-row stability थी। उपाय: gross को 34-35 WPM तक उठाएँ, मात्रा-error rate को तीन प्रति मिनट से नीचे रखें, और सप्ताह दो में पाँच मिनट का अलग 17-अंक number-row drill डालें — ताकि Net 32-33 WPM रहे। यही वह buffer है जो Phase-2 की मानसिक थकान और centre-day stress झेलता है — और Kruti Dev में इ-मात्रा के उल्टे क्रम और अलग अंक-mapping के कारण यह buffer और भी ज़रूरी है।

दो ESIC ड्रिल जो किसी और पेज पर नहीं हैं

अंशदान-अवधि/लाभ-अवधि का चक्र और 17-अंक की बीमा संख्या — दोनों लेआउट पर ज़रूरी

30 WPM का target सामान्य है। पर ESIC के पैसेज उस 30 WPM को जिस तरह खाते हैं, वह सामान्य नहीं। दो clusters ESIC UDC हिंदी prose में बाक़ी exam corpus से कहीं ज़्यादा आते हैं — अंशदान-अवधि व लाभ-अवधि का चक्र, और 17-अंक की बीमा संख्या। इन दो की अलग ड्रिल वह gap बंद करती है जो SSC CHSL या EPFO practice छोड़ देती है। Kruti Dev चुनने वालों के लिए दूसरी ड्रिल और भी ज़रूरी है, क्योंकि रेमिंगटन में अंक-keys अलग mapping पर हैं।

ड्रिल 1 — अंशदान अवधि / लाभ अवधि का चक्र

ESI साल में दो अंशदान अवधि पर चलती है — 1 अप्रैल से 30 सितंबर और 1 अक्टूबर से 31 मार्च — हर एक से जुड़ी एक लाभ अवधि होती है जो तय करती है कि बीमित व्यक्ति कब चिकित्सा या बीमारी लाभ ले सकता है। ये तारीख़ें और इन्हें घेरने वाले वाक्य लगभग हर ESIC clerical पैसेज में दोहराते हैं। इनमें prose, slash वाली तारीख़-जोड़ी और महीने का नाम मिलते हैं — यही वह rhythm है जो सादे वाक्य पर अभ्यास किए typist को तोड़ता है। पहले cold, फिर context में टाइप करें:

अंशदान अवधि 1 अप्रैल – 30 सितंबर · लाभ अवधि 1 जनवरी – 30 जून · अंशदान अवधि 1 अक्टूबर – 31 मार्च · लाभ अवधि 1 जुलाई – 31 दिसंबर
जिस बीमित व्यक्ति की अंशदान अवधि 30 सितंबर को समाप्त हुई, वह संगत लाभ अवधि के अंतर्गत 1 जनवरी से चिकित्सा लाभ का पात्र हो जाता है।

जाल है slash, en-dash और चलते वाक्य में तारीख़-से-महीने का switch — अक्षरों पर उड़ने वाली fingers "30 सितंबर / 31 मार्च" पर रेंगने लगती हैं। सप्ताह दो में रोज़ पाँच मिनट इसे ठीक कर देते हैं।

ड्रिल 2 — 17-अंक की बीमा संख्या

हर बीमित व्यक्ति के पास 17-अंक की बीमा संख्या (IP नंबर) होती है, और ESIC पैसेज उसे वाक्य के भीतर reference के तौर पर embed करते हैं — साफ़ अलग block के रूप में नहीं। जिस typist ने number row अलग से drill नहीं की, वह हर occurrence पर 200 से 300 ms look-down checks में खो देता है, और ये strings एक 10-मिनट पैसेज में दो से चार बार आती हैं। Kruti Dev में जोखिम और बड़ा है, क्योंकि वहाँ अंक-keys QWERTY/Mangal से अलग mapping पर हैं। एक ग़लत अंक engine की count में एक error है; अनुशासित कदम है forward type करते रहना और slip को backspace से न पकड़ना, जो आम तौर पर दूसरी error पैदा करता है। ये strings बिना देखे टाइप करें, फिर embed करके:

31001234567890123   51009876543210987   41002233445566778
बीमा संख्या 31001234567890123 वाले बीमित व्यक्ति ने वर्तमान लाभ अवधि में बीमारी लाभ के अंतर्गत दावा प्रस्तुत किया।

इसके साथ नियोक्ता-कोड भी जोड़ें, जो उन्हीं पैसेजों में आता है — एक 17-character alphanumeric स्थापना-reference जैसे 31-00-123456-000-1001। अंक-और-hyphen का pattern अपनी अलग muscle है। 35 की तुलना में 30 की cutoff पर भी सप्ताह दो में पाँच मिनट का यह number-row drill ज़रूरी है, क्योंकि हिंदी में मात्रा और संख्या दोनों एक साथ accuracy माँगते हैं।

अगर आपने EPFO SSA हिंदी पास की है — क्या काम आता है, क्या दोबारा सीखना है

स्पीड और मात्रा-अनुशासन transfer होते हैं; ESI शब्दावली दोबारा सोखनी पड़ती है

ESIC UDC के हिंदी-stream उम्मीदवारों का एक बड़ा हिस्सा EPFO repeater है। दोनों संगठन एक ही पैरेंट मंत्रालय के अधीन हैं, एक ही SSC CHSL skill-test format पर भर्ती करते हैं, और अक्सर पास-पास के calendar quarters में recruit करते हैं। अगर आपने पिछले cycle में 30 WPM EPFO SSA हिंदी test पास किया था, तो अच्छी बात यह है कि मशीनी स्तर पर लगभग सब कुछ transfer हो जाता है — 10-मिनट window, Net WPM engine, vendor का on-screen interface, backspace behaviour, और जो मात्रा-discipline व keyboard reflex आपने बनाई — चाहे आपने Mangal इस्तेमाल किया हो या Kruti Dev। आप शून्य से शुरू नहीं कर रहे; आप एक बैंक की हुई 30-plus स्पीड को सुरक्षित कर रहे हैं।

जो transfer नहीं होती वह शब्दावली है, और यहीं overconfident EPFO repeater पहले मिनटों में तीन-पाँच WPM गँवाते हैं। EPFO के पैसेज एक register में रहते हैं; ESIC के पैसेज पड़ोसी पर अलग register में। एक हफ़्ता नए शब्द सोखें और fingers उन पर रुकना बंद कर देती हैं।

  • जो transfer होता है (दोबारा drill मत करें): 30 WPM throughput, forward-only अनुशासन, लंबी ID strings के लिए number-row habit, danger-zone-मिनट की stamina, ि-ी और अनुस्वार की मात्रा-discipline, centre-keyboard reflex।
  • जो दोबारा सीखना है (असली काम): भविष्य-निधि, UAN, EPS-95, EDLI, ECR, सदस्य-आईडी → बन जाते हैं बीमित व्यक्ति, TIC, Pehchan, अंशदान अवधि, लाभ अवधि, चिकित्सा लाभ, बीमारी लाभ, मातृत्व लाभ, औषधालय, नियोक्ता-कोड, बीमा संख्या। EPFO की 12-अंक सदस्य-आईडी बनती है ESIC की 17-अंक बीमा संख्या — पाँच अतिरिक्त अंक, अलग rhythm।

crossover उम्मीदवार के लिए practical plan है — सप्ताह एक में रोज़ दस मिनट esic.in के ESI अधिनियम circulars और औषधालय रेफ़रल नोट पढ़ना — content के लिए नहीं, बल्कि इसलिए कि आँखें और fingers "अंशदान अवधि", "लाभ अवधि" और "बीमित व्यक्ति" से इतनी बार मिलें कि वे विदेशी न लगें। सप्ताह एक के अंत तक register native लगने लगता है, और बाक़ी चार-हफ़्ते का plan building के बजाय maintenance बन जाता है।

बैकस्पेस का नियम — मात्रा और बीमा-संख्या का दोहरा जाल

"अनुमति" का मतलब "सस्ता" नहीं — 17-अंक की संख्या इसे ट्रैप बना देती है, और Kruti Dev में और महँगा

हाल के सभी ESIC UDC cycles में test panel बैकस्पेस की अनुमति देता रहा है, और कर्सर वहीं रहता है — पैसेज दोबारा flow नहीं होता। यह नियम Mangal और Kruti Dev दोनों पर लागू है। यह उदार लगता है, और centre instructions में अधिकांश उम्मीदवार यही याद रखते हैं। पर "allowed" का मतलब "मुफ़्त" नहीं है। 10-मिनट, 30 WPM run में हर correction दो से पाँच सेकंड खाता है — और हिंदी में correction की लालच English से ज़्यादा बार उठती है, क्योंकि अधिकांश गलतियाँ शब्द में नहीं, मात्रा में होती हैं, और ESI की Devanagari शब्दावली (अंशदान, चिकित्सा, औषधालय, हस्तांतरण, अधिनियम) में compound conjunct और halant की चूकें बार-बार आती हैं।

जो उम्मीदवार 30 WPM आराम से clear करते हैं, वे बैकस्पेस बहुत कम इस्तेमाल करते हैं। वे केवल उसी मात्रा-गलती को ठीक करते हैं जो अभी टाइप किए जा रहे शब्द में दिखे — पिछला एक या दो अक्षर। उससे पुरानी कोई भी गलती छोड़ देते हैं, क्योंकि Net WPM पहले ही एक ग़लत मात्रा को एक error गिन चुका है — और बैकस्पेस से उसे पकड़ने पर recovery time error penalty के ऊपर जुड़ता है, उसकी जगह नहीं।

बीमा-संख्या का जाल अलग है और इसे विशेष ध्यान चाहिए, क्योंकि string लंबी है। ESIC पैसेजों में 17-अंक की बीमा संख्या embedded होती है — जैसे "बीमा संख्या 31001234567890123 वाले बीमित व्यक्ति को अस्थायी पहचान पत्र (TIC) जारी किया गया।" 17-अंक की string में एक अंक ग़लत हो जाए तो engine की count में यह एक error है, सत्रह नहीं। पर typist का instinct backspace मारकर अंक ठीक करने का होता है, और speed पर सत्रह characters पीछे जाना ही वह जगह है जहाँ दूसरी error जन्म लेती है। Kruti Dev में यह और महँगा है — वहाँ अंक-keys अलग mapping पर हैं और कई अक्षर shift-combination माँगते हैं, इसलिए पीछे जाकर सही अंक मारना rhythm पूरी तरह तोड़ता है। अनुशासित response: forward type करते रहें, एक error स्वीकार करें, और पहली ग़लती सुधारने के चक्कर में दूसरी न करें। सप्ताह दो की number-row drill इस muscle को बनाती है।

एक सावधानी exam day के लिए: बैकस्पेस नियम का binding source centre instruction screen और admit card है, यह पेज या कोई forum post नहीं। ESIC कई cycles से वही panel चला रहा है जो SSC chalata है, पर vendor बदलने से setting बदल सकती है। System-check phase में instruction screen पढ़ें, और forward-only default इतना मज़बूत रखें कि अगर बैकस्पेस disabled हो तो आपकी rhythm में कुछ न बदले। बैकस्पेस नीति परीक्षा-दर-परीक्षा कैसे बदलती है, इसका विस्तृत breakdown backspace-by-exam गाइड में है।

मंगल बनाम कृति देव — कौन सा चुनें

दोनों एक ही हिंदी लिखते हैं, पर कीबोर्ड का व्यवहार और अंक-mapping बिलकुल अलग है

ESIC UDC दोनों हिंदी लेआउट स्वीकार करता है, पर एक ही समय पर सिर्फ़ वही चलता है जो आपने फ़ॉर्म में चुना — वही फ़ॉर्म जिसमें आपने ESIC क्षेत्रीय कार्यालय की posting-zone preference भरी थी। दोनों एक ही हिंदी लिखते हैं, फिर भी keys की जगह और मात्राओं का क्रम अलग है। सबसे बड़ा अंतर मात्राओं के क्रम का है। Remington (Kruti Dev) में इ-मात्रा (ि) व्यंजन से पहले दबती है — यानी 'चिकित्सा' के 'चि' में पहले ि, फिर च; यह उल्टा क्रम कई नए उम्मीदवारों को शुरू में उलझाता है। InScript (Mangal) में मात्रा हमेशा व्यंजन के बाद आती है, जैसे हम हिंदी पढ़ते-लिखते हैं। दूसरा ESIC-ख़ास अंतर अंक-keys का है: Kruti Dev में 0–9 अलग mapping पर हैं, और ESIC पैसेज में 17-अंक की बीमा संख्या तथा नियोक्ता-कोड बार-बार आते हैं — इसलिए जो लेआउट चुना है, उसी का मात्रा-क्रम और अंक-mapping परीक्षा से पहले reflex बन जाना चाहिए।

Mangal · InScript · Unicode

आधुनिक, phonetic, हर सिस्टम पर compatible

'क' सीधे k key पर, और मात्रा व्यंजन के बाद। हर keypress सीधे Unicode देवनागरी अक्षर store करता है — किसी भी सिस्टम पर यह text बिना फ़ॉन्ट install किए पढ़ा जा सकता है, और वही यूनिकोड ESIC की e-Sewa, Pehchan और claim-MIS में सीधे चलता है। किसके लिए: पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे, कोई पुरानी आदत नहीं।

Kruti Dev · Remington · legacy ASCII

टाइपराइटर-आधारित, Steno/कोर्ट से overlap

'क' के लिए d, इ-मात्रा व्यंजन से पहले, और अंक-keys अलग जगह। फ़ाइल अंदर से ASCII रहती है — देवनागरी तभी दिखती है जब Kruti Dev फ़ॉन्ट load हो। किसके लिए: जिन्होंने टाइपराइटर/कोचिंग पर Remington सीखी, या साथ में SSC स्टेनो व कोर्ट-क्लर्क की भी तैयारी कर रहे हैं।

फ़ैसले की एक ही पक्की कसौटी: admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए — परीक्षा के दिन वही मिलेगा जो application form में भरा था, और उस दिन बदलाव का विकल्प नहीं रहता। अगर अभी form भरना है और कोई पुरानी आदत नहीं है, तो Mangal आसान शुरुआत है और नौकरी के बाद ESIC की यूनिकोड e-Sewa में भी काम आता है। पर Remington पर पहले से हाथ सधे हैं — या साथ में SSC स्टेनो/कोर्ट-क्लर्क भी भर रहे हैं — तो उसी पर टिके रहिए; बीच में switch करने से पहले दो हफ़्ते speed actually गिरती है।

गाइड 1 · हिंदी मंगल

हिंदी मंगल (इनस्क्रिप्ट) गाइड

यूनिकोड इनस्क्रिप्ट लेआउट के लिए विशेष — मात्रा व्यंजन के बाद, ESIC default

Mangal का मतलब है इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड — एक phonetic लेआउट जहाँ स्वर बाएँ हाथ पर और व्यंजन दाएँ हाथ पर हैं, और मात्रा हमेशा व्यंजन के बाद टाइप होती है, ठीक जैसे हम हिंदी बोलते-पढ़ते हैं। हाल के सभी ESIC UDC cycles में Mangal Unicode default रहा है, और यही वजह है कि पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे ESIC उम्मीदवारों के लिए हम Mangal की सलाह देते हैं। केंद्र पर पैनल पहले से तैयार मिलता है; आपको कुछ चुनना या इंस्टॉल नहीं करना। हर keypress सीधे Devanagari Unicode में सहेजा जाता है, इसलिए टाइप की गई फ़ाइल किसी भी सिस्टम पर बिना फ़ॉन्ट इंस्टॉल किए पढ़ी जा सकती है — और वही यूनिकोड ESIC की e-Sewa, Pehchan-entry और claim-MIS में भी चलता है।

Mangal उम्मीदवारों की छह बार-बार होने वाली गलतियाँ

ये वे पैटर्न हैं जो एक cycle में fail और अगले में पास हुए ESIC UDC Mangal-stream उम्मीदवारों के feedback में बार-बार आते हैं। हर सुधार छोटा है; उनका संयुक्त प्रभाव वही तीन-पाँच WPM है जो मात्रा-गलतियाँ, बीमा-संख्या, ESI शब्दावली और देर से शुरू हुई prep चुपके से खा जाती हैं।

1

Compressed prep — typing Phase-2 के बाद शुरू करना

ESIC UDC की सबसे आम failure pattern। Typing test Phase-1 prelims और Phase-2 mains के बाद आता है, इसलिए अधिकांश उम्मीदवारों को सिर्फ़ तीन हफ़्ते का runway मिलता है। 12-से-30 WPM Hindi ramp realistic रूप से पाँच-छह हफ़्ते माँगता है। Calendar तंग हो तब भी गणित नहीं बदलता।

Phase-1 result के दिन से पंद्रह मिनट रोज़ शुरू करें। Phase-2 admit card के साथ तीस मिनट। Phase-2 clearance के बाद रोज़ full 10-मिनट mocks।
2

मात्रा की ग़लतियाँ — Devanagari typing की असली परीक्षा

इनस्क्रिप्ट में अधिकांश त्रुटियाँ शब्द में नहीं, मात्राओं में होती हैं — ि और ी का उलटा, ो के बजाय ौ, अनुस्वार छूटना, क्ष/ज्ञ/श्र जैसे conjuncts में halant की चूक। ESIC का scoring engine हर मात्रा को अलग character गिनता है, इसलिए एक मात्रा की चूक एक पूरी त्रुटि है — और ESIC passages में "अंशदान", "चिकित्सा", "हस्तांतरण", "अधिनियम", "नियोक्ता" जैसे matra-density शब्द भरे होते हैं।

पिछले दो हफ़्तों में रोज़ पंद्रह मिनट केवल मात्रा-वाले ESI शब्दों पर अभ्यास करें — "बीमित व्यक्ति का अंशदान", "चिकित्सा लाभ अवधि", "औषधालय रेफ़रल", "मातृत्व लाभ दावा"।
3

17-अंक की बीमा संख्या पर अभ्यास न करना

ESIC passages में 17-अंक की बीमा संख्या और alphanumeric नियोक्ता-कोड (31-00-123456-000-1001 pattern) prose में reference के तौर पर embedded होते हैं। यह EPFO की 12-अंक सदस्य-आईडी से पाँच अंक लंबी है, इसलिए look-down penalty बड़ी है। ये clusters एक typical 10-मिनट पैसेज में दो से चार बार आते हैं, और जिस typist ने number row अलग से drill नहीं की, वह हर cluster पर 200-300 ms खो देता है — चार clusters across वह एक पूरा सेकंड है, accuracy का आधा प्रतिशत और Net से एक WPM।

सप्ताह दो में रोज़ पाँच मिनट का number-row drill डालें। 17-अंक की strings बिना देखे टाइप करें। फिर embed करके: "बीमा संख्या 31001234567890123 को 12 मार्च को TIC जारी किया गया।"
4

चिकित्सा / औषधालय register को मिला देना

ESI की हिंदी शब्दावली में दो रजिस्टर पास-पास चलते हैं और उम्मीदवार उन्हें गड्डमड्ड कर देते हैं — "चिकित्सा" (medical) और "औषधालय" (dispensary), "बीमित व्यक्ति" (insured person) और "लाभार्थी" (beneficiary)। ये अलग शब्द हैं, अलग जगहों पर आते हैं, और इनकी मात्राएँ (चि-कि-त्सा का त्सा conjunct, औ-ष-धा-ल-य का ष) अलग traps हैं। SSC CHSL की सामान्य हिंदी prep इन तक नहीं जाती, इसलिए ये पहली बार test day पर मिलते हैं और तीन-पाँच WPM गिरा देते हैं।

सप्ताह दो में esic.in के हिंदी circulars स्किम करें। "चिकित्सा लाभ", "औषधालय", "बीमित व्यक्ति", "लाभार्थी", "अंशदान अवधि", "लाभ अवधि" को अलग-अलग बार-बार टाइप करें जब तक fingers इन्हें अलग न पहचानें।
5

फ़ॉर्म पर मंगल, पर अभ्यास कृति देव पर (या उल्टा)

हिंदी माध्यम दो लेआउट देता है — मंगल (इनस्क्रिप्ट) और कृति देव (रेमिंगटन) — और जो आपने फ़ॉर्म में चुना, वही exam day पर मिलेगा। जिसने फ़ॉर्म में मंगल भरा पर महीनों कृति देव पर अभ्यास किया, वह admit card देखकर परेशान रह जाता है। keymap काफ़ी अलग है — कृति देव में इ-मात्रा व्यंजन से पहले आती है, मंगल/इनस्क्रिप्ट में व्यंजन पहले, मात्रा बाद में। हाल के ESIC cycles में Mangal default रहा है, पर admit card का माध्यम-कॉलम ही binding है।

admit card का माध्यम-कॉलम मिलाएँ; मंगल stream हैं तो पहले दिन से Mangal/इनस्क्रिप्ट को ही default practice corpus मानें। रेमिंगटन वालों के लिए नीचे अलग कृति देव गाइड है।
6

EPFO repeater की overconfidence — engine same, शब्द अलग

पिछले cycle में EPFO SSA हिंदी पास कर चुका उम्मीदवार मानता है कि ESIC बिल्कुल वैसा ही लगेगा और ESIC-specific corpus practice छोड़ देता है। Engine same है; शब्दावली नहीं। EPFO की fingers भविष्य-निधि, UAN, EPS-95, सदस्य-आईडी cold जानती हैं — और फिर "अंशदान अवधि", "लाभ अवधि", "औषधालय", "बीमित व्यक्ति" और 17-अंक बीमा संख्या से पहली बार test day पर मिलती हैं। नतीजा: पहले मिनटों में तीन-पाँच WPM की गिरावट जो 30 की cutoff पर हमेशा झेली नहीं जाती।

सप्ताह एक में रोज़ दस मिनट ESI अधिनियम circulars और औषधालय नोट पढ़ें। बैंक की स्पीड को सुरक्षित मानें और हफ़्ता नए register को सोखने में लगाएँ, स्पीड दोबारा बनाने में नहीं।

Mangal के लिए चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान

यह क्रम रोज़ाना तीस केंद्रित मिनट, हफ़्ते में छह दिन मानकर बनाया गया है। पहले से 20 WPM हिंदी वाले इसे चार हफ़्ते में पूरा कर सकते हैं — जो ESIC UDC में Phase-2 result और typing slot के बीच का realistic window है। EPFO repeaters के लिए यह तीन हफ़्ते का polish बन जाता है। शून्य से शुरू करने वालों को Phase-1 result के दिन से ही typing prep शुरू करनी चाहिए, क्योंकि हिंदी का 30 WPM target English के 35 जितना ही मेहनत माँगता है।

सप्ताह 1

शुद्धता और layout की नींव

लक्ष्य: 98% accuracy पर 18 WPM
  • Mangal/InScript layout याद करना — होम-रो ड्रिल बिना देखे
  • आरामदायक स्पीड पर रोज़ दो पूरे 10-मिनट के पैसेज
  • स्पीड नहीं, मात्रा-शुद्धता पर नज़र
  • EPFO repeaters: रोज़ दस मिनट ESI register (बीमित व्यक्ति, औषधालय) सोखें
सप्ताह 2

ESI शब्दावली + बीमा-संख्या ड्रिल

लक्ष्य: 96% accuracy पर 24 WPM
  • रोज़ दो full 10-मिनट sessions
  • corpus को ESIC-शैली ESI अधिनियम और चिकित्सा-लाभ passages पर switch करें
  • रोज़ पाँच मिनट का number-row drill — 17-अंक की बीमा संख्या
  • अंशदान-अवधि / लाभ-अवधि की तारीख़ ड्रिल — 1 अप्रैल / 1 अक्टूबर
सप्ताह 3

सहनशीलता और केंद्र की स्थिति

लक्ष्य: पूरे पैसेज पर 28-30 WPM
  • हर दूसरे दिन full 10-मिनट mock
  • चौथे-से-सातवें मिनट की rhythm विशेष रूप से rehearse करें
  • इस हफ़्ते से बाहरी कीबोर्ड पर practice करें
  • एक दिन forward-only, एक दिन backspace-allowed
सप्ताह 4

Buffer और कमज़ोर जगहें

लक्ष्य: स्थिर 32-34 WPM, 97% accuracy
  • रोज़ पूरा 10-मिनट mock, उसी time slot पर जिस पर परीक्षा है
  • हर mock की समीक्षा — कौन सी मात्राएँ errors करा रही हैं, track करें
  • दृश्यमान errors के साथ बिना backspace किए type करना अभ्यास करें
  • अंतिम 48 घंटे पूरी तरह आराम — final drill से बेहतर विश्राम

परीक्षा जैसी स्थिति में अभी मंगल मॉक दें

10-मिनट का टाइमर, ESIC-शैली का Mangal पैसेज (ESI अधिनियम register, बीमित व्यक्ति, अंशदान अवधि और 17-अंक बीमा संख्या सहित), Net WPM scoring, और backspace mode चुनने का विकल्प। कोई sign-up नहीं, widget के अंदर कोई विज्ञापन नहीं, और एक result card जो दिखाता है कि Net WPM penalty किन मात्रा-गलतियों और किन अंक-त्रुटियों से आई।

मंगल में टेस्ट शुरू करें →
10-मिनट टेस्ट  ·  Mangal / InScript  ·  कोई sign-up नहीं
गाइड 2 · हिंदी कृति देव

हिंदी कृति देव (रेमिंगटन) गाइड

लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट, Remington लेआउट — इ-मात्रा व्यंजन से पहले, अंक-keys अलग

कृति देव कोई कीबोर्ड नहीं, एक लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट है जो हमेशा Remington (Gail) लेआउट पर चलता है — वही पुराने हिंदी टाइपराइटर वाला mapping जो ज़्यादातर कोचिंग सेंटर आज भी सिखाते हैं। आप Latin keys दबाते हैं, और स्क्रीन पर देवनागरी glyph तभी बनते हैं जब कृति देव फ़ॉन्ट लोड हो; फ़ाइल के अंदर text Latin ASCII ही रहता है। इसकी एक ख़ास बात — इ-मात्रा (ि) व्यंजन से पहले टाइप होती है, उल्टे क्रम में, जो Mangal की इनस्क्रिप्ट से बिलकुल अलग है। और ESIC के लिए एक दूसरा अंतर अहम है: कृति देव में अंक-keys QWERTY/Mangal से अलग mapping पर हैं, और ESIC पैसेज में 17-अंक की बीमा संख्या बार-बार आती है। यही वजह है कि जो उम्मीदवार SSC स्टेनोग्राफर या कोर्ट क्लर्क की भी तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए एक ही Remington प्रैक्टिस तीनों परीक्षाओं में काम आती है — केवल register बदलता है।

कृति देव का एक नमूना — ESIC चिकित्सा-बीमा शैली में, लाइव

नीचे नमूने में actual Latin characters हैं — पर page पर कृति देव 010 फ़ॉन्ट load होने के बाद यह देवनागरी में दिखेगा। अगर फ़ॉन्ट load नहीं हुआ, तो आपको Latin ही दिखेगा। यही वह behaviour है जो ESIC की e-Sewa और Pehchan जैसे यूनिकोड-आधारित systems के साथ compatibility तोड़ता है — इसलिए नौकरी के बाद Unicode conversion ज़रूरी है।

Kruti Dev 010 · ESIC medical-benefit style sample
chfer O;fDr ds va'knku vof/k vkSj fpfdRlk ykHk ds nkos dks vkS"k/kky; jsQjy ds vuqlkj eq[;ky; dks Hkstk x;kA
ऊपर दिए गए अक्षर Latin ASCII हैं। कृति देव 010 फ़ॉन्ट के साथ यह “बीमित व्यक्ति के अंशदान अवधि और चिकित्सा लाभ के दावे को औषधालय रेफ़रल के अनुसार मुख्यालय को भेजा गया।” दिखाई देता है। ध्यान दें — ‘बीमित’, ‘चिकित्सा’, ‘औषधालय’ जैसे शब्दों की इ-मात्रा रेमिंगटन में व्यंजन से पहले मारी जाती है, और ESIC पैसेज में इनके साथ 17-अंक की बीमा संख्या भी आती है। अगर आप यह text किसी यूनिकोड editor या ESIC portal में paste करेंगे, तो वहाँ Latin ही बचेगा — इसीलिए UDC ज्वाइन करने के बाद e-Sewa और claim-MIS की फ़ाइलों के लिए यूनिकोड conversion ज़रूरी है।

कृति देव उम्मीदवारों की छह ख़ास गलतियाँ

कुछ रेमिंगटन की संरचना से आती हैं, कुछ ESIC के चिकित्सा-बीमा पैसेज और 17-अंक बीमा संख्या से — ये ख़ास कृति देव की हैं, और Mangal वाली drills इन्हें नहीं पकड़तीं।

1

इनस्क्रिप्ट की आदत stress में लौट आना

अगर आपने कभी मंगल/इनस्क्रिप्ट पर भी अभ्यास किया है, तो परीक्षा के दबाव में — Phase-1 और Phase-2 की महीनों की थकान के ऊपर — उँगलियाँ ‘क’ के लिए k दबा देती हैं जबकि कृति देव में वह d है। यह एक नहीं, दर्जनों गलतियाँ एक साथ बनाती है, और पूरा पैराग्राफ बिगड़ जाता है।

exam week में सिर्फ़ कृति देव/रेमिंगटन पर ही practice रखें; इनस्क्रिप्ट को touch भी न करें।
2

17-अंक की बीमा संख्या की अंक-drill न करना

ESIC पैसेज की यह सबसे बड़ी ख़ासियत है — और कृति देव में सबसे ख़तरनाक। 17-अंक की बीमा संख्या (IP नंबर) और alphanumeric नियोक्ता-कोड (31-00-123456-000-1001 pattern) prose के बीच embedded आते हैं, और कृति देव में अंक-keys मंगल/QWERTY से अलग mapping पर हैं। यह EPFO की 12-अंक सदस्य-आईडी से पाँच अंक लंबी है, इसलिए बिना अंक-drill वाला रेमिंगटन typist हर संख्या-cluster पर look-down कर बैठता है, और एक गलत अंक एक पूरी error है।

सप्ताह दो में रोज़ पाँच मिनट केवल अंक-row drill — 17-अंक की strings बिना देखे, फिर वाक्य: “बीमा संख्या 31001234567890123 वाले बीमित व्यक्ति ने बीमारी लाभ का दावा प्रस्तुत किया।”
3

ESI-शब्दावली के shift/conjunct पर हिचकिचाना

‘चिकित्सा’, ‘अधिनियम’, ‘हस्तांतरण’, ‘नियोक्ता’, ‘अंशदान’, ‘औषधालय’ — कृति देव में इनमें से कई shift या एक से अधिक keystroke माँगते हैं, साथ में हलंत-sequence भी। ESIC के औपचारिक पैसेज में ये ESI-शब्द tail में घने होते हैं, और हर hesitation rhythm तोड़ती है।

top 20 shift/conjunct और ESI-pattern की muscle-memory बनाएँ; इन्हीं शब्दों वाले ESI-अधिनियम पैराग्राफ पर रोज़ 5 मिनट।
4

Compressed prep — typing को Phase-2 के बाद तक टालना

ESIC का selection sequence है — Phase-1 prelims → Phase-2 mains → typing → DV। Typing slot आम तौर पर Phase-2 result के तीन-चार हफ़्ते बाद आता है। रेमिंगटन-अभ्यस्त उम्मीदवार को भी exam-conditions में 30 Net WPM तक पहुँचने के लिए चार हफ़्ते चाहिए; बिलकुल नए को छह। तंग calendar में लोग shortcut खोजते हैं और चूक जाते हैं — और अगला notification दो-तीन साल दूर हो सकता है।

Phase-1 result के दिन से पंद्रह मिनट रोज़ शुरू करें। Phase-2 admit card के साथ तीस मिनट, Phase-2 clearance के बाद रोज़ full 10-मिनट mocks।
5

घर के कीबोर्ड की feel पर भरोसा, केंद्र पर झटका

ESIC केंद्रों पर full-size USB membrane कीबोर्ड होते हैं — वही vendor hardware जो SSC CHSL में चलता है, क़रीब 1.5 mm key travel। रेमिंगटन में shift-combination ज़्यादा हैं, इसलिए laptop chiclet keys पर सधा हाथ अलग actuation pressure की वजह से पहले 60 सेकंड में error rate तीन गुना कर देता है — और Phase-2 तथा महीनों की लिखित-तैयारी के बाद यह gap recover नहीं होता।

अंतिम दो हफ़्ते एक सस्ते wired external कीबोर्ड (₹400-500) या साइबर कैफ़े पर mock करें।
6

नौकरी के बाद यूनिकोड न आना — देर से चौंकना

यह परीक्षा-दिन की नहीं, उसके बाद की गलती है — पर सोच-समझकर लेआउट चुनने में मदद करती है। रेमिंगटन की स्पीड ESIC qualify करा देती है, पर e-Sewa, Pehchan, claim-MIS और CPGRAMS portals यूनिकोड में चलते हैं। जो उम्मीदवार सिर्फ़ कृति देव जानते हैं और यूनिकोड कभी नहीं छुआ, वे UDC join करने के बाद रोज़ के बीमित-व्यक्ति grievance reply और चिकित्सा-लाभ दावा-noting में अटकते हैं।

qualify होते ही हमारे कृति देव → यूनिकोड कन्वर्टर से अभ्यास शुरू कर दें; मंगल/इनस्क्रिप्ट का बुनियादी ज्ञान भी काम आएगा।

कृति देव के लिए चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान

यह उन उम्मीदवारों के लिए है जो पहले से रेमिंगटन से परिचित हैं, पर exam conditions में 30 Net WPM तक consistent नहीं हैं — और जिन्हें ESIC के Phase-2-के-बाद वाले छोटे runway में चार हफ़्ते का window मिला है। अगर शून्य से शुरू कर रहे हैं तो हर phase को डेढ़-डेढ़ हफ़्ता दें — पर ध्यान रहे, बिलकुल नए अभ्यर्थी के लिए मंगल अक्सर बेहतर विकल्प है। यह क्रम Mangal वाले से जान-बूझकर अलग है: यहाँ ज़ोर Remington muscle memory, ESI-शब्दावली, अंक-keys और केंद्र-नकल पर है।

सप्ताह 1

रेमिंगटन की मसल मेमोरी ताज़ा करना

लक्ष्य: 18 → 22 WPM
  • रोज़ 30 मिनट: सबसे आम 50 प्रशासनिक शब्दों का drill, कृति देव फ़ॉन्ट on
  • home-row के रेमिंगटन equivalents, बिना कीबोर्ड देखे
  • इ-मात्रा का उल्टा क्रम — पहले मात्रा, फिर व्यंजन — का अलग अभ्यास
  • ESI के 30 सबसे आम शब्द (बीमित व्यक्ति, अंशदान, औषधालय) पहचानना
सप्ताह 2

ESI-शब्दावली और 17-अंक बीमा संख्या drill

लक्ष्य: 22 → 27 WPM
  • रोज़ 5 मिनट केवल अंक-row drill — 17-अंक की बीमा संख्या strings
  • shift/conjunct वाले ESI शब्द (चिकित्सा, अधिनियम, हस्तांतरण)
  • ESIC-शैली के औपचारिक ESI-अधिनियम और चिकित्सा-लाभ पैसेज पर अभ्यास
  • Mistake log — रोज़ के top 5 ग़लत मात्रा-क्रम और अंक note करें
सप्ताह 3

पूरी लंबाई के पैसेज की नकल

लक्ष्य: 27 → 32 WPM
  • रोज़ 2 पूरे 10-मिनट के mock tests, ESIC-शैली चिकित्सा-बीमा पैसेज पर
  • Net WPM और हर मिनट की errors दोनों track करें
  • आख़िरी 3 मिनट का ख़ास drill — यही थकान और बीमा संख्या वाला phase है
  • इस हफ़्ते से बाहरी/केंद्र-शैली कीबोर्ड पर practice
सप्ताह 4

केंद्र की नकल और buffer

लक्ष्य: स्थिर 32 – 34 WPM
  • रोज़ पूरा 10-मिनट mock, उसी time slot पर जिस पर परीक्षा है
  • हर mock की समीक्षा — कौन से ESI-शब्द/इ-मात्रा/बीमा संख्या errors करा रहे हैं
  • दृश्यमान errors के साथ बिना backspace किए type करना अभ्यास करें
  • अंतिम 48 घंटे: सिर्फ़ review, कोई नया drill नहीं

अभी मुफ़्त कृति देव प्रैक्टिस टेस्ट दीजिए

असली ESIC-शैली settings: 10 मिनट, रेमिंगटन layout, कृति देव 010 फ़ॉन्ट, लगभग 1,800 keystrokes का औपचारिक ESI-प्रशासन पैराग्राफ (17-अंक बीमा संख्या sequences सहित), Net WPM और errors दोनों। बैकस्पेस का विकल्प। टेस्ट ख़त्म होते ही detailed scorecard और mistakes का breakdown।

कृति देव में टेस्ट शुरू करें →
कोई signup नहीं · Remington / Kruti Dev 010 · फ़ॉन्ट locally लोड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Mangal, Kruti Dev और दोनों लेआउट से जुड़े वही सवाल, जो ESIC UDC उम्मीदवार बार-बार पूछते हैं
ESIC UDC हिंदी टाइपिंग टेस्ट में 30 WPM Net स्पीड चाहिए — Mangal और Kruti Dev दोनों लेआउट पर यही कटऑफ़ है। टेस्ट 10 मिनट का होता है और पैसेज क़रीब 1,500 से 1,800 की-डिप्रेशन का होता है। पैटर्न SSC CHSL जैसा है क्योंकि ESIC notification SSC CHSL का skill-test annexure verbatim अपनाती है और वही TCS-iON या NSEIT vendor इस्तेमाल करता है। Gross नहीं, Net WPM से पास किया जाता है। 17-अंक की बीमा संख्या और नियोक्ता-कोड prefixes सबसे ज़्यादा error-density वाले क्षेत्र हैं।
चूँकि ESIC, UDC skill-test को SSC CHSL पैटर्न पर चलाता है, हिंदी माध्यम दो लेआउट में मिलता है — Mangal (इनस्क्रिप्ट, यूनिकोड) और Kruti Dev (रेमिंगटन, लेगेसी ASCII) — और कटऑफ़ दोनों पर एक ही 30 WPM Net है। इसी पेज पर दोनों के लिए अलग गाइड हैं। Mangal आधुनिक मानक है और हिंदी टाइपिंग में नए अभ्यर्थियों के लिए सबसे उपयुक्त — वही यूनिकोड ESIC की e-Sewa और claim-MIS में भी चलता है; Kruti Dev उनके लिए है जिनकी उँगलियाँ टाइपराइटर/कोचिंग से रेमिंगटन पहले से जानती हैं, या जो साथ में SSC स्टेनो/कोर्ट-क्लर्क की तैयारी कर रहे हैं। फ़ॉर्म पर जो लेआउट चुना, वही admit card पर lock हो जाता है।
पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे हैं और रेमिंगटन की कोई पुरानी आदत नहीं है, तो Mangal (InScript) चुनिए — मात्रा व्यंजन के बाद आती है, यानी जिस क्रम में हम हिंदी पढ़ते हैं, और वही यूनिकोड ESIC की e-Sewa, Pehchan और claim-MIS में भी काम आता है। पर अगर आपने टाइपराइटर या कोचिंग सेंटर पर रेमिंगटन सीखी है, या साथ में SSC स्टेनो/कोर्ट-क्लर्क की भी तैयारी कर रहे हैं, तो Kruti Dev चुनिए — एक ही रेमिंगटन प्रैक्टिस तीनों परीक्षाओं में काम आती है। फ़ैसले की पक्की कसौटी: admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए।
कृति देव रेमिंगटन (Gail) लेआउट पर चलता है, जो पुराने मैकेनिकल हिंदी टाइपराइटर की नक़ल है। उस टाइपराइटर पर इ-मात्रा (ि) को पहले मारकर फिर व्यंजन दबाया जाता था, इसलिए ‘चिकित्सा’ टाइप करते समय पहले ि, फिर व्यंजन आता है — उल्टा क्रम। यही ESIC के मंगल/इनस्क्रिप्ट stream से सबसे बड़ा फ़र्क़ है, जहाँ मात्रा व्यंजन के बाद आती है। ESIC के पैसेज में ‘बीमित’, ‘चिकित्सा’, ‘अधिसूचना’, ‘अंशदान’ जैसे इ-मात्रा वाले शब्द घने हैं, इसलिए रेमिंगटन वालों को इसी उल्टे क्रम का reflex बनाना होता है।
हाल के cycles में ESIC test panel बैकस्पेस की अनुमति देता है, और कर्सर वहीं रहता है (पैसेज दोबारा flow नहीं होता) — Mangal और Kruti Dev दोनों पर। पर हर बैकस्पेस दो से पाँच सेकंड खाता है, और हिंदी में अधिकांश गलतियाँ मात्रा में होती हैं — इसलिए केवल वही मात्रा-गलती ठीक करें जो उसी शब्द में तुरंत दिखे। 17-अंक की बीमा संख्या में एक अंक सुधारने के चक्कर में दूसरी गलती करना सबसे महंगा backspace ट्रैप है, और Kruti Dev में यह और महँगा है क्योंकि अंक-keys अलग mapping पर हैं और उल्टी मात्रा-क्रम में पीछे जाना rhythm तोड़ता है। admit card और centre instructions ही binding source हैं।
हाँ, सीधे। SSC स्टेनोग्राफर और कई राज्य हाई-कोर्ट क्लर्क परीक्षाएँ आज भी रेमिंगटन/कृति देव अनिवार्य रखती हैं। जो अभ्यर्थी ESIC UDC में कृति देव चुनता है, उसकी वही रेमिंगटन muscle memory इन परीक्षाओं में दोबारा काम आती है — एक ही legacy-font practice set ESIC UDC, स्टेनो और कोर्ट-क्लर्क तीनों को कवर करता है। केवल register बदलता है: ESIC में ESI अधिनियम और चिकित्सा-लाभ पत्राचार, स्टेनो में जनरल प्रशासन। यही वजह है कि steno/कोर्ट-क्लर्क की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी ESIC में कृति देव की ओर झुकते हैं।
ESIC परीक्षा केंद्र पर कृति देव पहले से installed रहता है। पर घर पर फ़ॉन्ट न हो, तो स्क्रीन पर देवनागरी के बजाय Latin अक्षर दिखेंगे। हमारी इसी प्रैक्टिस runner में कृति देव 010 फ़ॉन्ट locally लोड होता है — इंटरनेट बंद हो तब भी ESIC-शैली का ESI अधिनियम और चिकित्सा-लाभ पैसेज सही देवनागरी में दिखता है। इसलिए अलग से फ़ॉन्ट install किए बिना भी आप 10-मिनट का रेमिंगटन मॉक दे सकते हैं।
Phase-1 result के दिन से, पंद्रह मिनट रोज़। Phase-2 admit card के साथ तीस मिनट। Phase-2 clearance के बाद full 10-मिनट mocks। ESIC UDC में typing test Phase-1 और Phase-2 के बाद आता है, इसलिए Phase-2 के बाद शुरू करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ़ तीन हफ़्ते मिलते हैं — जो शून्य-से-30-WPM ramp के लिए कम है, चाहे InScript हो या Remington। रेमिंगटन पर पहले से अभ्यास है तो Kruti Dev और जल्दी आ जाता है। EPFO SSA हिंदी पास कर चुके repeaters के लिए यह तीन हफ़्ते का polish है — स्पीड बैंक में, सिर्फ़ ESI register नया।
नहीं। यह केवल qualifying है। Phase-1 prelims (200 अंक) और Phase-2 mains (200 अंक) के अंक ही final merit बनाते हैं, typing test एक binary skill gate है। पर typing में fail हो गए, तो उस cycle से बाहर — Phase-2 के कितने ही अंक हों, मायने नहीं रखते। यही वजह है कि 30 WPM के बजाय 33-34 WPM का target रखना safe है, ताकि Phase-2 की मानसिक थकान और centre-day stress का margin बचा रहे।
ज़्यादातर हाँ। Window, Net WPM engine, कटऑफ़ और vendor एक जैसे हैं, इसलिए keyboard reflex और मात्रा-discipline सीधे transfer हो जाती है — चाहे आपने Mangal चुना हो या Kruti Dev। जो नहीं बदलती वह शब्दावली है। EPFO के पैसेज भविष्य-निधि, UAN, EPS-95, EDLI और 12-अंक सदस्य-आईडी की दुनिया में रहते हैं; ESIC के पैसेज बीमित व्यक्ति, औषधालय, चिकित्सा लाभ, अंशदान अवधि, लाभ अवधि और 17-अंक की बीमा संख्या की दुनिया में — पाँच अंक लंबी। सप्ताह एक में रोज़ दस मिनट ESI हिंदी register दोबारा सोखें — स्पीड बैंक में है, सिर्फ़ शब्द बदले हैं।