SSC CHSL Hindi Typing Test — मंगल और कृति देव, दोनों लेआउट
SSC CHSL की हिंदी टाइपिंग दो लेआउट में होती है — Mangal (InScript) और Kruti Dev (Remington)। दोनों पर एक ही नियम लागू है: 30 Net WPM की क्वालिफ़ाइंग स्पीड, दस मिनट का विंडो, और क़रीब 1,800 की-डिप्रेशन का एक औपचारिक पैराग्राफ। फ़र्क़ सिर्फ़ कीबोर्ड के व्यवहार का है। नीचे से वही लेआउट चुनिए जो आपके admit card पर लिखा है, और सीधे टेस्ट शुरू कीजिए — दोनों के लिए अलग गाइड, स्कोरिंग और चार हफ़्ते का प्लान इसी पेज पर है।
- स्पीड कटऑफ़
- 30 WPM
- अवधि
- 10 मिनट
- की-डिप्रेशन
- ~1,800
- लेआउट
- 2 विकल्प
- स्कोरिंग
- Net WPM
अपना लेआउट चुनें
हिंदी मंगल (इनस्क्रिप्ट)
आधुनिक यूनिकोड मानक। मात्रा व्यंजन के बाद आती है, यानी जिस क्रम में हम हिंदी पढ़ते हैं। नए उम्मीदवारों के लिए आसान, हर सिस्टम पर compatible।
मंगल में टेस्ट शुरू करें → मंगल गाइड पढ़ें ↓हिंदी कृति देव (रेमिंगटन)
लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट। मात्रा व्यंजन से पहले आती है (उल्टा क्रम)। टाइपराइटर पर सीखे, और Steno व कोर्ट-क्लर्क की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए।
कृति देव में टेस्ट शुरू करें → कृति देव गाइड पढ़ें ↓दोनों टेस्ट में 30 Net WPM कटऑफ़, 10 मिनट और बैकस्पेस की अनुमति एक जैसी है — केवल कीबोर्ड लेआउट और फ़ॉन्ट अलग हैं। पक्का न हो तो नीचे Mangal बनाम Kruti Dev की तुलना पढ़ लीजिए।
यह टेस्ट किन पदों के लिए ज़रूरी है?
सीएचएसएल एक पूल्ड भर्ती है — एक परीक्षा, कई तरह के पद। हर पद पर एक जैसा स्किल टेस्ट नहीं होता। जिन उम्मीदवारों ने अपना माध्यम हिंदी चुना है — चाहे Mangal हो या Kruti Dev — उनके लिए यह टेस्ट इन पदों पर मायने रखता है।
लोअर डिवीज़न क्लर्क (LDC) / जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट
LDC / JSA पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य है। Tier 2 पास करना चयन पक्का नहीं करता — टाइपिंग पासिंग ही अंतिम द्वार है।
पोस्टल असिस्टेंट / सॉर्टिंग असिस्टेंट
पीए/एसए उम्मीदवारों को वही दस मिनट का हिंदी टाइपिंग टेस्ट देना होता है। इस विभाग में शुद्धता पर कुछ अधिक ज़ोर रहता है — सॉर्टिंग मशीनों में टाइपो आगे बढ़ते हैं।
कोर्ट क्लर्क
सीएचएसएल से भर्ती होने वाले कोर्ट क्लर्क पदों के लिए भी यही कटऑफ़ लागू है। कई उत्तर भारतीय हाई कोर्ट आज भी Kruti Dev को अनिवार्य रखते हैं।
डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) — अलग टेस्ट
डीईओ पदों के लिए ऊपर वाला टाइपिंग टेस्ट नहीं, बल्कि DEST (डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट) होता है — 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा, अंकीय और सारणीबद्ध सामग्री पर। अलग तैयारी की ज़रूरत है।
पहली बार आवेदन करने वाले उम्मीदवार अक्सर "एसएससी सीएचएसएल टाइपिंग टेस्ट" सर्च करते हैं और मान लेते हैं कि एक ही पैटर्न हर पद पर लागू है। ऐसा नहीं है। अगर application में Data Entry Operator का उल्लेख है, तो आपका स्किल टेस्ट DEST है — एक अलग चीज़, अंकीय स्ट्रिंग और टेबल एंट्री के साथ। ऊपर वर्णित दस मिनट का हिंदी प्रोज़ टेस्ट LDC, PA/SA और Court Clerk के लिए है। प्रैक्टिस शुरू करने से पहले notification में अपने पद की पुष्टि कर लें।
आधिकारिक टाइपिंग पैटर्न
एसएससी हर साल सीएचएसएल नोटिफ़िकेशन में स्किल टेस्ट के नियम प्रकाशित करता है। 2016 की पुनर्रचना के बाद यह पैटर्न स्थिर रहा है और हाल के वर्षों में कोई बदलाव नहीं हुआ। नीचे जो भी नियम हैं, वे Mangal और Kruti Dev — दोनों लेआउट पर एक जैसे लागू होते हैं।
अवधि: एक सिटिंग में दस मिनट। घड़ी तब शुरू होती है जब उम्मीदवार स्टार्ट पर क्लिक करे — पानी पीने, कीबोर्ड समस्या या सिस्टम रीस्टार्ट के लिए नहीं रुकती (उन्हें इनविजिलेटर अलग से संभालता है)।
माध्यम और फ़ॉन्ट: सीएचएसएल application में जो भाषा और फ़ॉन्ट चुना गया है, वही परीक्षा में मिलेगा। हिंदी उम्मीदवारों को Mangal (Unicode) या Kruti Dev पैसेज दिखता है। परीक्षा के दिन माध्यम या फ़ॉन्ट बदलने का विकल्प नहीं है — इसलिए admit card आते ही माध्यम वाला कॉलम मिलाकर देख लें।
पैसेज की लंबाई: लगभग 1,800 की-डिप्रेशन। 30 WPM पर, जो एक पाँच-अक्षर शब्द के हिसाब से क़रीब 150 कीस्ट्रोक प्रति मिनट है, टेस्ट विंडो और पैसेज लगभग बराबर आते हैं — कटऑफ़ स्पीड पर टाइप करने वाले उम्मीदवार के लिए पैसेज तब ख़त्म होता है जब समय ख़त्म होता है।
स्पीड कटऑफ़: 30 Net WPM हिंदी। कटऑफ़ से नीचे फ़ेल। कोई आंशिक क्रेडिट नहीं, कोई वैकल्पिक परीक्षा नहीं, और उसी cycle में दोबारा मौक़ा नहीं।
केवल क्वालिफ़ाइंग: यह टेस्ट मेरिट में नहीं जुड़ता। Tier 1 और Tier 2 के अंक ही रैंक बनाते हैं। पर जो उम्मीदवार कटऑफ़ से चूक गया, वह उस भर्ती cycle से हटा दिया जाता है — चाहे Tier 2 कितना भी ऊँचा हो।
स्कोरिंग कैसे होती है
Net WPM, Gross नहीं। ज़्यादातर प्रैक्टिस साइटें केवल Gross दिखाती हैं, इसीलिए उम्मीदवार अपने Net स्कोर से परीक्षा के दिन हैरान होते हैं। भारत में पाँच characters का एक "word" माना जाता है — यह SSC की standard convention है, Mangal या Kruti Dev कोई भी हो। यहाँ एसएससी का सटीक फ़ॉर्मूला है, एक काम किए हुए उदाहरण के साथ।
Gross WPM
ग्रॉस WPM कच्ची स्पीड को गिनता है — टाइप किए गए कुल अक्षर, पाँच की मानक शब्द-लंबाई से विभाजित, और फिर बीते मिनटों से विभाजित।
Net WPM
नेट WPM त्रुटियों को घटाता है। एसएससी हर ग़लत अक्षर और हर छूटे हुए अक्षर को एक पूर्ण त्रुटि मानता है। कुल त्रुटियों को मिनटों से विभाजित करके त्रुटि-प्रति-मिनट की पेनाल्टी निकाली जाती है, और यह पेनाल्टी ग्रॉस WPM में से घटा दी जाती है।
काम किया हुआ उदाहरण
Gross WPM = 1,600 / 5 / 10 = 32 WPM
Net WPM = 32 − (15 / 10) = 30.5 WPM
यह कटऑफ़ बस 0.5 WPM के अंतर से पार कर गया — एक अतिरिक्त त्रुटि और फ़ेल। यही वजह है कि लक्ष्य 35 WPM रखना व्यर्थ नहीं है: यह उस सुरक्षा मार्जिन को बनाता है जो एसएससी का स्कोरिंग नियम माँगता है।
2022 का बैकस्पेस नियम
2022 से पहले नियम परीक्षा केंद्रों के सॉफ़्टवेयर के अनुसार बदलता था। कुछ पैनल में बैकस्पेस पूरी तरह बंद था, कुछ में चुपचाप allowed। उम्मीदवारों ने RTI के ज़रिए स्पष्टीकरण माँगा, और एसएससी ने 2022 में औपचारिक रूप से लिखित में स्पष्ट किया: सीएचएसएल टाइपिंग टेस्ट में बैकस्पेस की अनुमति है — Mangal और Kruti Dev दोनों पर — और TCS-iON केंद्रों के सॉफ़्टवेयर में यह सुविधा सक्रिय है।
नियम जानना और उसका सही उपयोग करना एक बात नहीं है। हर बैकस्पेस दो कीस्ट्रोक के बराबर समय खाता है — एक मिटाने के लिए, एक फिर टाइप करने के लिए — और कभी-कभी उससे अधिक, यदि सुधार स्वयं ग़लत हो जाए। Kruti Dev में यह और महँगा है, क्योंकि कई अक्षर (जैसे 'ष') shift-combination माँगते हैं, और दोबारा वही sequence लगानी पड़ती है। जो उम्मीदवार अच्छे मार्जिन से पास होते हैं वे आम तौर पर तीन नियम मानते हैं:
- त्रुटि तभी ठीक करें जब वह तुरंत दिखाई दे — मात्रा का चूकना, अक्षर का दोहराव। पाँच शब्द पीछे जाकर कोई पुरानी ग़लती ठीक करना समय की बर्बादी है।
- किसी शब्द के बीच में सुधार न करें। शब्द पूरा करें, फिर बैकस्पेस से त्रुटि तक जाएँ। लय टूटना त्रुटि से अधिक महँगा पड़ता है।
- अंतिम एक मिनट में सुधार छोड़ दें। आख़िरी साठ सेकंड में जो है वह टाइप करें — त्रुटियों सहित। अधूरे शब्द और अधूरे पैसेज — दोनों बराबर त्रुटि के रूप में गिने जाते हैं। स्पीड जीतती है।
जो उम्मीदवार नियम जानने के बावजूद फ़ेल होते हैं, वे लगभग हमेशा over-correction से फ़ेल होते हैं। दोनों modes में अभ्यास करें — backspace-allowed और strict — ताकि निर्णय परीक्षा के दिन स्वतः हो जाए।
मंगल बनाम कृति देव — कौन सा चुनें
दोनों लेआउट एक ही हिंदी लिखते हैं, पर keys की जगह और मात्राओं का क्रम बिलकुल अलग है। सबसे बड़ा अंतर मात्राओं के क्रम का है। Remington (Kruti Dev) में i-मात्रा (ि) व्यंजन से पहले दबती है — यानी "कि" टाइप करते समय पहले ि, फिर क; यह उल्टा क्रम कई नए उम्मीदवारों को शुरू में उलझाता है। InScript (Mangal) में मात्रा हमेशा व्यंजन के बाद आती है, जैसे हम हिंदी पढ़ते-लिखते हैं। यही एक अंतर तय करता है कि किसके लिए कौन सा लेआउट आसान रहेगा।
आधुनिक, phonetic, हर सिस्टम पर compatible
'क' सीधे k key पर, और मात्रा व्यंजन के बाद। हर keypress सीधे Unicode देवनागरी अक्षर store करता है — किसी भी सिस्टम पर यह text बिना फ़ॉन्ट install किए पढ़ा जा सकता है। किसके लिए: पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे, कोई पुरानी आदत नहीं।
टाइपराइटर-आधारित, Steno/कोर्ट से overlap
'क' के लिए d, i-मात्रा व्यंजन से पहले। फ़ाइल अंदर से ASCII रहती है — देवनागरी तभी दिखती है जब Kruti Dev फ़ॉन्ट load हो। किसके लिए: जिन्होंने टाइपराइटर/कोचिंग पर Remington सीखी, या साथ में Steno व कोर्ट-क्लर्क की भी तैयारी कर रहे हैं।
फ़ैसले की एक ही पक्की कसौटी: admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए — परीक्षा के दिन वही मिलेगा जो application form में भरा था, और उस दिन बदलाव का विकल्प नहीं रहता। अगर अभी form भरना है और कोई पुरानी आदत नहीं है, तो Mangal आसान शुरुआत है। पर Remington पर पहले से हाथ सधे हैं, तो उसी पर टिके रहिए — बीच में switch करने से पहले दो हफ़्ते speed actually गिरती है।
Mangal का मतलब है इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड — एक phonetic लेआउट जहाँ स्वर बाएँ हाथ पर और व्यंजन दाएँ हाथ पर हैं, और मात्रा हमेशा व्यंजन के बाद टाइप होती है। यानी जिस क्रम में हम हिंदी बोलते-पढ़ते हैं, वही स्वाभाविक क्रम। यही वजह है कि पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे उम्मीदवारों के लिए हम Mangal की सलाह देते हैं। केंद्र पर पैनल पहले से तैयार मिलता है; आपको कुछ चुनना या इंस्टॉल नहीं करना। हर keypress सीधे Devanagari Unicode में सहेजा जाता है, इसलिए टाइप की गई फ़ाइल किसी भी सिस्टम पर बिना फ़ॉन्ट इंस्टॉल किए पढ़ी जा सकती है।
Mangal उम्मीदवारों की चार बार-बार होने वाली गलतियाँ
बीच पैसेज में बहुत ज़्यादा सुधार करना
बैकस्पेस allowed है इसलिए हर छोटी त्रुटि सुधार्य लगती है। हर सुधार दो से पाँच सेकंड खाता है, और आठवें मिनट तक correction का बजट speed के बजट को खा चुका होता है।
केवल उन्हीं typos को ठीक करें जो उसी शब्द में तुरंत दिखें। बाक़ी सब चलने दें।मात्रा (diacritic) की ग़लतियाँ — हिंदी की असली जाँच
इनस्क्रिप्ट में अधिकांश त्रुटियाँ शब्द में नहीं, मात्राओं में होती हैं — ि-ी का उलटा, ो के बजाय ौ, अनुस्वार छूटना। एसएससी का सॉफ़्टवेयर हर मात्रा को अलग अक्षर गिनता है, इसलिए एक मात्रा की चूक एक पूरी त्रुटि है।
पिछले दो हफ़्तों में रोज़ पंद्रह मिनट केवल मात्रा-वाले शब्दों पर अभ्यास करें — "स्वतंत्रता", "गठबंधन", "संविधान"।परीक्षा को sprint मान लेना
बहुत तेज़ शुरुआत करने वाले उम्मीदवार 45 सेकंड की दीवार से टकराते हैं — हाथ कड़े हो जाते हैं, शुद्धता गिर जाती है, और पाँचवें मिनट तक Net WPM कटऑफ़ से नीचे चला जाता है।
पहले दो मिनट आरामदायक 27-28 WPM पर चलें। बीच में 32 WPM तक बढ़ाएँ। फिर स्थिर रहें।सिर्फ़ अपने laptop कीबोर्ड पर अभ्यास करना
ज़्यादातर उम्मीदवार laptop keyboard पर अभ्यास करते हैं। एसएससी केंद्रों पर full-size external कीबोर्ड होते हैं, जिनकी key travel और actuation गहराई अलग होती है। केवल chiclet keys पर अभ्यास करने वाला परीक्षा के दिन पाँच से दस WPM खो देता है।
परीक्षा से दो हफ़्ते पहले एक सामान्य wired external कीबोर्ड ले आइए। अंतिम 300 मिनट का अभ्यास उसी पर कीजिए।Mangal के लिए चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान
यह क्रम रोज़ाना तीस केंद्रित मिनट, हफ़्ते में छह दिन मानकर बनाया गया है। जो उम्मीदवार पहले से 25 WPM से ऊपर हैं, वे इसे दो हफ़्ते में संक्षिप्त कर सकते हैं। 15 WPM से नीचे वालों को week 1 को तीन हफ़्ते तक खींचना चाहिए।
शुद्धता की नींव
- होम-रो ड्रिल, बिना कीबोर्ड देखे, पाँच मिनट
- आरामदायक स्पीड पर पूरे पाँच मिनट के पैसेज
- स्पीड नहीं, शुद्धता पर नज़र रखें
- मात्रा वाले शब्दों पर विशेष अभ्यास
स्पीड बढ़ाना
- रोज़ दस मिनट का session, पूरे विराम चिह्नों के साथ
- केवल प्रशासनिक और आर्थिक पैसेज
- रविवार को एक 30 मिनट का session
- drill के बीच त्रुटियों को नज़रअंदाज़ करें; बाद में देखें
सहनशीलता
- हर दूसरे दिन पूरी लंबाई का mock
- एक दिन backspace-allowed, एक दिन strict
- 7-10 मिनट के उस विंडो पर ध्यान दें जहाँ अधिकांश उम्मीदवार गिरते हैं
- इस हफ़्ते से बाहरी कीबोर्ड पर practice करें — exam day पर अपना नहीं मिलेगा
Mocks और कमज़ोर जगहें
- रोज़ पूरी दस मिनट का mock, उसी time slot पर जिस पर परीक्षा तय है
- हर mock की समीक्षा — किस प्रकार के शब्द त्रुटि करा रहे हैं, track करें
- प्रत्येक mock के बाद पाँच मिनट का cooldown — धीमी, शुद्ध टाइपिंग
- अंतिम दो दिन पूरी तरह आराम — अंतिम drill से बेहतर है विश्राम
परीक्षा जैसी स्थिति में अभी मंगल टेस्ट दें
दस मिनट का टाइमर, एसएससी-शैली का पैसेज, Net WPM स्कोरिंग, और बैकस्पेस मोड चुनने का विकल्प। कोई sign-up नहीं, widget के अंदर कोई विज्ञापन नहीं, और एक result card जो दिखाता है कि Net WPM पेनाल्टी कहाँ से आई।
मंगल में टेस्ट शुरू करें →Kruti Dev कोई कीबोर्ड नहीं, एक लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट है जो हमेशा Remington (Gail) लेआउट पर चलता है — वही पुराने हिंदी टाइपराइटर वाला mapping जो ज़्यादातर कोचिंग सेंटर आज भी सिखाते हैं। आप Latin keys दबाते हैं, और स्क्रीन पर देवनागरी glyph तभी बनते हैं जब फ़ॉन्ट लोड हो; फ़ाइल के अंदर text Latin ASCII ही रहता है। इसकी एक ख़ास बात — i-मात्रा (ि) व्यंजन से पहले टाइप होती है, उल्टे क्रम में, जो Mangal की इनस्क्रिप्ट से बिलकुल अलग है। यही वजह है कि जो उम्मीदवार Steno या कोर्ट क्लर्क की भी तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए एक ही Remington प्रैक्टिस तीनों परीक्षाओं में काम आती है।
Kruti Dev का एक नमूना — लाइव
नीचे नमूने में actual Latin characters हैं — पर page पर Kruti Dev 010 font load होने के बाद यह देवनागरी में दिखेगा। अगर font load नहीं हुआ, तो आपको Latin ही दिखेगा। यही वह behaviour है जो सरकारी systems के साथ compatibility तोड़ता है — इसलिए नौकरी के बाद Unicode conversion ज़रूरी है।
Kruti Dev उम्मीदवारों की पाँच ख़ास गलतियाँ
कुछ Mangal से overlap करती हैं, पर ये पाँच ख़ास Kruti Dev की हैं — mock typing tests में बार-बार दिखती हैं, और Mangal वाली drills इन्हें नहीं पकड़तीं।
InScript की आदत बीच exam में ले आना
अगर आपने Mangal पर भी थोड़ी प्रैक्टिस की है, तो stress में उँगलियाँ InScript की mapping लगा देती हैं — 'क' के लिए k दबाती हैं जबकि Kruti Dev में वह d है। यह एक नहीं, दर्जनों गलतियाँ एक साथ create करती है।
संयुक्त अक्षरों (conjuncts) में हिचकिचाना
'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ' — Kruti Dev में इन्हें बनाने के लिए एक से अधिक keystroke हैं, और halant key की sequence याद रखनी पड़ती है। हर conjunct पर रुकने से rhythm टूटती है।
top 20 conjunct patterns की muscle-memory बनाएँ। ज़्यादा conjuncts वाले पैराग्राफ पर daily 5 मिनट।मात्राओं में चूक (ि और ी, ो और ौ) — Remington का जाल
Remington में ि और ी लगभग बग़ल की keys पर हैं — एक letter की चूक पूरे शब्द को गलत बनाती है। ो और ौ भी confusable। ये silent errors हैं — screen पर पढ़ते समय धोखा हो जाता है।
practice tests में error-highlight ON रखें। 50 ग़लत मात्रा वाले शब्द ख़ासतौर पर drill करें।Number row पर underused keys की blind spot
Kruti Dev में कुछ frequent अक्षर/मात्राएँ number row पर हैं — जैसे 'ई' और कुछ विशेष चिह्न। ज़्यादातर लोग number row ignore करके touch-type करते हैं, फिर proper nouns या amount वाले पैराग्राफ में stumble करते हैं।
week 3 से number-heavy paragraphs (बजट, आँकड़े) पर specifically practice रखें।घर के कीबोर्ड की feel पर भरोसा, केंद्र में disruption
घर के keyboard का layout और tactile feel exam center के standard mechanical keyboard से अलग है। key travel अलग, spring pressure अलग। पहले 60 seconds में error rate 3x हो जाता है।
mock tests किसी public cyber café या library के keyboard पर करें — exam-day shock से बचाव।Kruti Dev के लिए चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान
यह उन उम्मीदवारों के लिए है जो पहले से Remington से परिचित हैं, पर exam conditions में 30 Net WPM तक consistent नहीं हैं। अगर शून्य से शुरू कर रहे हैं, हर phase को डेढ़-डेढ़ हफ़्ता दें। ध्यान दीजिए — यह क्रम Mangal वाले से जान-बूझकर अलग है: यहाँ ज़ोर Remington muscle memory, संयुक्त अक्षरों और केंद्र-नकल पर है।
Remington की मसल मेमोरी
- रोज़ 30 मिनट: सबसे आम 50 शब्दों का drill
- केवल home-row tests — asdf-jkl; के Remington equivalents
- ि, ी, ो, ौ — पहले दबने वाली मात्राओं का अलग अभ्यास (Remington का क्लासिक जाल)
- आँखें स्क्रीन पर, कीबोर्ड पर नहीं — Kruti Dev font on रखें
संयुक्त अक्षर और हलंत
- सबसे ज़रूरी 20 संयुक्त अक्षर (क्ष, त्र, ज्ञ, द्व, स्त्र…)
- पैसेज पर अभ्यास: रोज़ 5 मिनट × 3 sessions
- Mistake log — रोज़ के top 5 ग़लत शब्द note करें
- बैकस्पेस दबाने से पहले “पहले पूरा शब्द” policy
पूरी लंबाई के पैसेज की नकल
- रोज़ 2 पूरे 10 मिनट के mock tests
- SSC-शैली के औपचारिक पैसेज (सरकारी योजना, रिपोर्ट)
- Net WPM का log रखें, हर मिनट की errors भी track करें
- आख़िरी 3 मिनट का ख़ास drill — यही थकान वाला phase है
परीक्षा केंद्र की नकल
- साइबर कैफ़े या लाइब्रेरी के कीबोर्ड पर कम से कम 3 mock tests
- अलग-अलग कीबोर्ड पर adaptation (केंद्र पर अपना कीबोर्ड नहीं मिलेगा)
- परीक्षा वाले time slot पर ही अभ्यास करें
- आख़िरी 48 घंटे: सिर्फ़ review, कोई नया drill नहीं
अभी मुफ़्त कृति देव प्रैक्टिस टेस्ट दीजिए
असली SSC CHSL settings: 10 मिनट, Remington layout, Kruti Dev 010 font, लगभग 1,800 keystrokes का formal पैराग्राफ, Net WPM और errors दोनों। Backspace allowed। टेस्ट ख़त्म होते ही detailed scorecard और mistakes का breakdown।
कृति देव में टेस्ट शुरू करें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 Net WPM की क्वालिफ़ाइंग स्पीड चाहिए — Mangal और Kruti Dev दोनों लेआउट पर यही कटऑफ़ है। परीक्षा दस मिनट की होती है और पैसेज क़रीब 1,700–1,900 की-डिप्रेशन का होता है। पास Gross से नहीं, Net WPM से होता है — यानी त्रुटियों की पेनाल्टी घटाने के बाद जो स्पीड बचे। इसीलिए हम 35 WPM का लक्ष्य रखने की सलाह देते हैं, ताकि सुरक्षित मार्जिन रहे।
Mangal एक Unicode फ़ॉन्ट है जो InScript लेआउट पर चलता है; हर अक्षर सीधे Devanagari Unicode में सहेजा जाता है, इसलिए फ़ाइल किसी भी सिस्टम पर बिना फ़ॉन्ट इंस्टॉल किए पढ़ी जा सकती है। Kruti Dev एक legacy ASCII फ़ॉन्ट है जो Remington (Gail) लेआउट पर चलता है — हर Latin key एक देवनागरी glyph में बदलती है, पर तभी जब Kruti Dev फ़ॉन्ट मौजूद हो। SSC दोनों स्वीकार करती है; application form में जो चुना है वही परीक्षा के दिन मिलेगा।
पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे हैं और कोई पुरानी आदत नहीं है, तो Mangal (InScript) चुनिए — मात्रा व्यंजन के बाद आती है, यानी जिस क्रम में हम हिंदी पढ़ते हैं, और आधुनिक सिस्टम के साथ compatibility बेहतर है। पर अगर आपने टाइपराइटर या किसी कोचिंग सेंटर पर पहले से Remington सीखी है, या साथ में Steno या कोर्ट क्लर्क की भी तैयारी कर रहे हैं, तो Kruti Dev चुनिए — एक ही प्रैक्टिस तीनों परीक्षाओं में काम आती है। फ़ैसले की एक ही पक्की कसौटी है: admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए।
बाद में — और यही Mangal को नए उम्मीदवारों के लिए आसान बनाता है। इनस्क्रिप्ट में आप पहले व्यंजन दबाते हैं, फिर मात्रा, बिलकुल उसी क्रम में जैसे हम हिंदी पढ़ते हैं (क फिर ि = कि)। Kruti Dev के Remington लेआउट में i-मात्रा व्यंजन से पहले दबती है (उल्टा क्रम), जो शुरुआत में उलझाता है।
Kruti Dev हमेशा Remington (Gail) लेआउट पर चलता है — वही पुराने मैकेनिकल टाइपराइटर की मेमोरी वाला mapping। यह InScript से बिलकुल अलग है: क, k पर नहीं, d पर है, और i-मात्रा व्यंजन से पहले दबती है। अगर आपने पहले InScript पर अभ्यास किया है, तो पहले दो हफ़्ते इसी layout-switching में जाएँगे।
हाँ, 2022 की SSC क्लैरिफ़िकेशन के बाद बैकस्पेस की अनुमति है — Mangal और Kruti Dev दोनों पर। पर हर बैकस्पेस दो कीस्ट्रोक जितना समय खाता है — एक मिटाने में, एक दोबारा टाइप करने में। Kruti Dev में यह और महँगा है, क्योंकि कई अक्षर shift-combination माँगते हैं। केवल वही त्रुटि सुधारें जो उसी शब्द में तुरंत दिख जाए; पुरानी ग़लती के लिए पीछे लौटना समय की बर्बादी है।
किसी भी SSC परीक्षा केंद्र पर यह पहले से install रहता है — यह बुनियादी ज़रूरत है। पर घर पर अभ्यास करते वक़्त फ़ॉन्ट न हो, तो स्क्रीन पर Latin अक्षर ही दिखेंगे, देवनागरी नहीं। हमारी site पर Kruti Dev 010 फ़ॉन्ट इसी page के साथ locally लोड होता है — इंटरनेट न भी हो, तब भी अभ्यास सही दिखता है।
नौकरी join करने के बाद अधिकांश सरकारी विभाग Unicode चाहते हैं — क्योंकि email, portal और Aadhaar-linked systems सब Unicode पर चलते हैं। Remington की स्पीड परीक्षा qualify कराती है, पर daily काम Unicode में होता है। हमारे मुफ़्त Krutidev to Unicode converter में text paste कीजिए, एक click पर साफ़ Unicode मिल जाता है; link इसी page के footer के Converters section में है।
नहीं, यह केवल qualifying है। Tier 1 और Tier 2 के अंक ही merit list बनाते हैं। लेकिन टाइपिंग में फ़ेल होने पर उस cycle से बाहर हो जाते हैं — चाहे Tier 2 में कितने भी अंक क्यों न हों। इसलिए इसे बस क्वालिफ़ाइंग मानकर हल्के में लेना ख़तरनाक है।
शून्य से शुरू करने पर लेआउट याद करने में पहले दो हफ़्ते लगते हैं — चाहे InScript हो या Remington। फिर 30 WPM तक पहुँचने के लिए आम तौर पर रोज़ तीस मिनट की 6–8 हफ़्ते की प्रैक्टिस काफ़ी होती है। अगर अंग्रेज़ी में पहले से 20 WPM आती है, तो InScript का phonetic logic मदद करता है और तीन-चार हफ़्ते में 30 WPM संभव है; Remington पर पहले से अभ्यास है तो Kruti Dev और भी जल्दी।