High Court Court Clerk · Hindi (Mangal)

Court Clerk Typing Test — Hindi (Mangal)

Court Clerk टाइपिंग टेस्ट — मंगल यूनिकोड फ़ॉन्ट, InScript कीबोर्ड लेआउट पर

25-30 WPM Hindi (state HC के अनुसार)। Modernised HC recruitments Mangal Unicode + InScript layout accept करती हैं। UP HC अधिकांश Kruti Dev पर अभी, पर बहुत HCs Mangal-based forms की तरफ़ शिफ़्ट कर रही हैं। यह page state-by-state cutoff comparison, Mangal vs Kruti Dev decision, scoring और चार हफ्ते का practice plan कवर करता है।

Speed cutoff
25-30 WPM
Duration
5-10 min
Font
Mangal Unicode
Backspace
Allowed*
Scoring
Net WPM

Who takes the SSC CHSL Hindi typing test?

एसएससी सीएचएसएल हिंदी टाइपिंग टेस्ट किन पदों के लिए ज़रूरी है?

सीएचएसएल एक पूल्ड भर्ती है — एक परीक्षा, कई तरह के पद। हर पद पर एक जैसा स्किल टेस्ट नहीं होता। जिन उम्मीदवारों ने अपना माध्यम हिंदी चुना है, उनके लिए यह टेस्ट इन पदों पर मायने रखता है।

गृह, वित्त, विदेश मंत्रालय

लोअर डिवीज़न क्लर्क (LDC) / जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट

LDC / JSA पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य है। Tier 2 पास करना चयन पक्का नहीं करता — टाइपिंग पासिंग ही अंतिम द्वार है।

डाक विभाग

पोस्टल असिस्टेंट / सॉर्टिंग असिस्टेंट

पीए/एसए उम्मीदवारों को वही दस मिनट का हिंदी टाइपिंग टेस्ट देना होता है। इस विभाग में शुद्धता पर कुछ अधिक ज़ोर रहता है — सॉर्टिंग मशीनों में टाइपो आगे बढ़ते हैं।

उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय

कोर्ट क्लर्क

सीएचएसएल से भर्ती होने वाले कोर्ट क्लर्क पदों के लिए भी यही कटऑफ़ लागू है। उत्तर भारतीय हाई कोर्ट में हिंदी मंगल आमतौर पर डिफ़ॉल्ट माध्यम है।

कई विभाग

डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) — अलग टेस्ट

डीईओ पदों के लिए ऊपर वाला टाइपिंग टेस्ट नहीं, बल्कि DEST (डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट) होता है — 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा, अंकीय और सारणीबद्ध सामग्री पर। अलग तैयारी की ज़रूरत है।

पहली बार आवेदन करने वाले उम्मीदवार अक्सर "एसएससी सीएचएसएल टाइपिंग टेस्ट" सर्च करते हैं और मान लेते हैं कि एक ही पैटर्न हर पद पर लागू है। ऐसा नहीं है। अगर application में Data Entry Operator का उल्लेख है, तो आपका स्किल टेस्ट DEST है — एक अलग चीज़, अंकीय स्ट्रिंग और टेबल एंट्री के साथ। ऊपर वर्णित दस मिनट का हिंदी प्रोज़ टेस्ट LDC, PA/SA और Court Clerk के लिए है। प्रैक्टिस शुरू करने से पहले notification में अपने पद की पुष्टि कर लें।

The official SSC CHSL Hindi typing pattern

एसएससी सीएचएसएल हिंदी टाइपिंग का आधिकारिक पैटर्न

एसएससी हर साल सीएचएसएल नोटिफ़िकेशन में स्किल टेस्ट के नियम प्रकाशित करता है। 2016 की पुनर्रचना के बाद यह पैटर्न स्थिर रहा है और हाल के वर्षों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अवधि: एक सिटिंग में दस मिनट। घड़ी तब शुरू होती है जब उम्मीदवार स्टार्ट पर क्लिक करे — पानी पीने, कीबोर्ड समस्या या सिस्टम रीस्टार्ट के लिए नहीं रुकती (उन्हें इनविजिलेटर अलग से संभालता है)।

माध्यम: सीएचएसएल application में जो भाषा चुनी गई है, वही परीक्षा में मिलेगी। हिंदी उम्मीदवारों को Mangal (Unicode) या Kruti Dev पैसेज दिखता है; कीबोर्ड लेआउट Remington (Gail) रहता है। परीक्षा के दिन माध्यम बदलने का विकल्प नहीं है।

पैसेज की लंबाई: लगभग 1,800 की-डिप्रेशन। 30 WPM पर, जो एक पाँच-अक्षर शब्द के हिसाब से क़रीब 150 कीस्ट्रोक प्रति मिनट है, टेस्ट विंडो और पैसेज लगभग बराबर आते हैं — कटऑफ़ स्पीड पर टाइप करने वाले उम्मीदवार के लिए पैसेज तब ख़त्म होता है जब समय ख़त्म होता है।

स्पीड कटऑफ़: 30 Net WPM हिंदी। कटऑफ़ से नीचे फ़ेल। कोई आंशिक क्रेडिट नहीं, कोई वैकल्पिक परीक्षा नहीं, और उसी cycle में दोबारा मौक़ा नहीं।

केवल क्वालिफ़ाइंग: यह टेस्ट मेरिट में नहीं जुड़ता। Tier 1 और Tier 2 के अंक ही रैंक बनाते हैं। पर जो उम्मीदवार कटऑफ़ से चूक गया, वह उस भर्ती cycle से हटा दिया जाता है — चाहे Tier 2 कितना भी ऊँचा हो।

How SSC scores the Hindi typing test

एसएससी हिंदी टाइपिंग टेस्ट की स्कोरिंग कैसे करता है

Net WPM, Gross नहीं। ज़्यादातर प्रैक्टिस साइटें केवल Gross दिखाती हैं, इसीलिए उम्मीदवार अपने Net स्कोर से परीक्षा के दिन हैरान होते हैं। यहाँ एसएससी का सटीक फ़ॉर्मूला है, एक काम किए हुए उदाहरण के साथ।

Gross WPM

ग्रॉस WPM कच्ची स्पीड को गिनता है — टाइप किए गए कुल अक्षर, पाँच की मानक शब्द-लंबाई से विभाजित, और फिर बीते मिनटों से विभाजित।

Gross WPM = (Total characters typed / 5) / Minutes

Net WPM

नेट WPM त्रुटियों को घटाता है। एसएससी हर ग़लत अक्षर और हर छूटे हुए अक्षर को एक पूर्ण त्रुटि मानता है। कुल त्रुटियों को मिनटों से विभाजित करके त्रुटि-प्रति-मिनट की पेनाल्टी निकाली जाती है, और यह पेनाल्टी ग्रॉस WPM में से घटा दी जाती है।

Net WPM = Gross WPM − (Total errors / Minutes)

काम किया हुआ उदाहरण

एक उम्मीदवार ने 1,600 सही अक्षर टाइप किए और 15 त्रुटियाँ (ग़लत या छूटे हुए) दस मिनट में कीं।

Gross WPM = 1,600 / 5 / 10 = 32 WPM
Net WPM = 32 − (15 / 10) = 30.5 WPM

यह कटऑफ़ बस 0.5 WPM के अंतर से पार कर गया — एक अतिरिक्त त्रुटि और फ़ेल। यही वजह है कि लक्ष्य 35 WPM रखना व्यर्थ नहीं है: यह उस सुरक्षा मार्जिन को बनाता है जो एसएससी का स्कोरिंग नियम माँगता है।

The 2022 backspace rule

2022 का बैकस्पेस नियम — और उसका सही इस्तेमाल

2022 से पहले नियम परीक्षा केंद्रों के सॉफ़्टवेयर के अनुसार बदलता था। कुछ पैनल में बैकस्पेस पूरी तरह बंद था, कुछ में चुपचाप allowed। कोचिंग फ़ोरम पर परस्पर विरोधी सलाहें थीं, और कुछ disqualifications का कारण यही अस्पष्टता बनी। एसएससी ने 2022 में औपचारिक रूप से स्पष्ट किया: सीएचएसएल टाइपिंग टेस्ट में बैकस्पेस की अनुमति है, और TCS-iON केंद्रों के सॉफ़्टवेयर में यह सुविधा सक्रिय है।

नियम जानना और उसका सही उपयोग करना एक बात नहीं है। हर बैकस्पेस दो कीस्ट्रोक के बराबर समय खाता है — एक मिटाने के लिए, एक फिर टाइप करने के लिए — और कभी-कभी उससे अधिक, यदि सुधार स्वयं ग़लत हो जाए। जो उम्मीदवार अच्छे मार्जिन से पास होते हैं वे आम तौर पर तीन नियम मानते हैं:

  • त्रुटि तभी ठीक करें जब वह तुरंत दिखाई दे — मात्रा का चूकना, अक्षर का दोहराव। पाँच शब्द पीछे जाकर कोई पुरानी ग़लती ठीक करना समय की बर्बादी है।
  • किसी शब्द के बीच में सुधार न करें। शब्द पूरा करें, फिर बैकस्पेस से त्रुटि तक जाएँ। लय टूटना त्रुटि से अधिक महँगा पड़ता है।
  • अंतिम एक मिनट में सुधार छोड़ दें। आख़िरी साठ सेकंड में जो है वह टाइप करें — त्रुटियों सहित। अधूरे शब्द और अधूरे पैसेज — दोनों बराबर त्रुटि के रूप में गिने जाते हैं। स्पीड जीतती है।

जो उम्मीदवार नियम जानने के बावजूद फ़ेल होते हैं, वे लगभग हमेशा over-correction से फ़ेल होते हैं। तीसवें सेकंड पर एक टाइपो दिखता है, दस अक्षर पीछे जाकर सुधार करते हैं, पाँच सेकंड खर्च होते हैं, और वह समय फिर कभी वापस नहीं मिलता। दोनों modes में अभ्यास करें — backspace-allowed और strict — ताकि निर्णय परीक्षा के दिन स्वतः हो जाए।

Six mistakes that cost aspirants the test

वे छह ग़लतियाँ जिनकी वजह से उम्मीदवार टेस्ट हार जाते हैं

ये वे पैटर्न हैं जो असफल रह चुके और अगले cycle में पास हुए उम्मीदवारों के feedback में बार-बार आते हैं। हर सुधार छोटा है; उनका संयुक्त प्रभाव पाँच से सात WPM है।

1

बीच पैसेज में बहुत ज़्यादा सुधार करना

बैकस्पेस allowed है इसलिए हर छोटी त्रुटि सुधार्य लगती है। हर सुधार दो से पाँच सेकंड खाता है, और आठवें मिनट तक correction का बजट speed के बजट को खा चुका होता है।

केवल उन्हीं typos को ठीक करें जो उसी शब्द में तुरंत दिखें। बाक़ी सब चलने दें।
2

मात्रा (diacritic) की ग़लतियाँ — हिंदी की असली जाँच

हिंदी टाइपिंग में अधिकांश त्रुटियाँ शब्द में नहीं, मात्राओं में होती हैं — ि-ी का उलटा, ो के बजाय ौ, अनुस्वार छूटना। एसएससी का सॉफ़्टवेयर हर मात्रा को अलग अक्षर गिनता है, इसलिए एक मात्रा की चूक एक पूरी त्रुटि है।

पिछले दो हफ़्तों में रोज़ पंद्रह मिनट केवल मात्रा-वाले शब्दों पर अभ्यास करें — "स्वतंत्रता", "गठबंधन", "संविधान"।
3

गलत font पर अभ्यास करना

एक उम्मीदवार जिसने Kruti Dev पर चार महीने अभ्यास किया और admit card पर Mangal देखा, परीक्षा में नहीं पहुँचा। कुंजी मानचित्र काफ़ी अलग है — एक मात्रा जहाँ एक font में है, दूसरे में कहीं और।

Application form submit करते ही चुने हुए माध्यम को लिखकर रखें। वही font पहले दिन से अभ्यास करें। admit card आने पर पुष्टि कर लें।
4

परीक्षा को sprint मान लेना

बहुत तेज़ शुरुआत करने वाले उम्मीदवार 45 सेकंड की दीवार से टकराते हैं — हाथ कड़े हो जाते हैं, शुद्धता गिर जाती है, और पाँचवें मिनट तक Net WPM कटऑफ़ से नीचे चला जाता है।

पहले दो मिनट आरामदायक 27-28 WPM पर चलें। बीच में 32 WPM तक बढ़ाएँ। फिर स्थिर रहें।
5

पूरे समय के mock टेस्ट से बचना

तीस सेकंड की प्रैक्टिस speed सिखाती है; केवल पूरे दस मिनट के session stamina सिखाते हैं जिसे असली टेस्ट पुरस्कृत करता है। जिसने पूरी लंबाई का mock कभी नहीं दिया, वह अक्सर आठवें मिनट पर सिकुड़ जाता है।

अंतिम हफ़्ते में कम से कम तीन पूरे दस मिनट के mocks दें। उसी समय पर जिस समय असली परीक्षा तय है।
6

सिर्फ़ कंप्यूटर कीबोर्ड पर अभ्यास करना

ज़्यादातर उम्मीदवार laptop keyboard पर अभ्यास करते हैं। एसएससी केंद्रों पर full-size external कीबोर्ड होते हैं, जिनकी key travel और actuation गहराई अलग होती है। केवल chiclet keys पर अभ्यास करने वाला परीक्षा के दिन पाँच से दस WPM खो देता है।

परीक्षा से दो हफ़्ते पहले एक सामान्य wired external कीबोर्ड ले आइए। अंतिम 300 मिनट का अभ्यास उसी पर कीजिए।

A four-week practice plan

चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान — जो वाक़ई काम करता है

यह क्रम रोज़ाना तीस केंद्रित मिनट, हफ़्ते में छह दिन मानकर बनाया गया है। जो उम्मीदवार पहले से 25 WPM से ऊपर हैं, वे इसे दो हफ़्ते में संक्षिप्त कर सकते हैं। 15 WPM से नीचे वालों को week 1 को तीन हफ़्ते तक खींचना चाहिए।

Week 1

शुद्धता की नींव

target: 15 WPM at 98% accuracy
  • होम-रो ड्रिल, बिना कीबोर्ड देखे, पाँच मिनट
  • आरामदायक स्पीड पर पूरे पाँच मिनट के पैसेज
  • स्पीड नहीं, शुद्धता पर नज़र रखें
  • मात्रा वाले शब्दों पर विशेष अभ्यास
Week 2

स्पीड बढ़ाना

target: 22 WPM at 96% accuracy
  • रोज़ दस मिनट का session, पूरे विराम चिह्नों के साथ
  • केवल प्रशासनिक और आर्थिक पैसेज
  • रविवार को एक 30 मिनट का session
  • drill के बीच त्रुटियों को नज़रअंदाज़ करें; बाद में देखें
Week 3

सहनशीलता

target: 30 WPM on full 10-minute passages
  • हर दूसरे दिन पूरी लंबाई का mock
  • एक दिन backspace-allowed, एक दिन strict
  • 7-10 मिनट के उस विंडो पर ध्यान दें जहाँ अधिकांश उम्मीदवार गिरते हैं
  • इस हफ़्ते से बाहरी कीबोर्ड पर practice करें — exam day पर अपना नहीं मिलेगा
Week 4

Mocks और कमज़ोर जगहें

target: 35 WPM on three consecutive mocks
  • रोज़ पूरी दस मिनट का mock, उसी time slot पर जिस पर परीक्षा तय है
  • हर mock की समीक्षा — किस प्रकार के शब्द त्रुटि करा रहे हैं, track करें
  • प्रत्येक mock के बाद पाँच मिनट का cooldown — धीमी, शुद्ध टाइपिंग
  • अंतिम दो दिन पूरी तरह आराम — अंतिम drill से बेहतर है विश्राम

परीक्षा जैसी स्थिति में अभी टेस्ट दें

दस मिनट का टाइमर, एसएससी-शैली का पैसेज, Net WPM स्कोरिंग, और बैकस्पेस मोड चुनने का विकल्प। कोई sign-up नहीं, widget के अंदर कोई विज्ञापन नहीं, और एक result card जो दिखाता है कि Net WPM पेनाल्टी कहाँ से आई।

मुफ़्त प्रैक्टिस टेस्ट शुरू करें →
10-min test  ·  Net WPM  ·  No sign-up

Frequently asked questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — दोनों भाषा में

30 Net WPM स्पीड चाहिए। परीक्षा दस मिनट की होती है और पैसेज क़रीब 1,700-1,900 की-डिप्रेशन का होता है। Gross नहीं, Net WPM पर ही पास किया जाता है — यानी त्रुटियों की पेनाल्टी घटाने के बाद जो स्पीड बचे।

हाँ, 2022 की एसएससी क्लैरिफ़िकेशन के बाद। लेकिन हर बैकस्पेस समय खाता है, इसलिए केवल उन्हीं त्रुटियों को सुधारें जो तुरंत दिख जाएँ। बाक़ी छोड़ देना बेहतर है।

Mangal Unicode-आधारित है — हर अक्षर Devanagari Unicode में सहेजा जाता है, इसलिए टाइप की गई फ़ाइल कहीं भी पढ़ी जा सकती है। Kruti Dev एक legacy font है, जिसमें हर Latin key एक Devanagari glyph में map होती है — पर केवल तभी जब Kruti Dev font install हो। नए परीक्षा केंद्रों पर Mangal default है।

नहीं। यह केवल qualifying है। Tier 1 और Tier 2 के अंक ही merit list बनाते हैं। पर अगर typing में fail हो गए, तो उस cycle से बाहर — Tier 2 के अंक मायने नहीं रखते।

शून्य से शुरू करने पर Remington layout याद करने में पहले दो हफ़्ते लगते हैं। फिर 30 WPM तक पहुँचने के लिए आम तौर पर 6-8 हफ़्ते की daily तीस मिनट practice काफ़ी होती है। अगर 20 WPM English पहले से आती है तो Hindi में तीन-चार हफ़्ते में 30 WPM संभव है।

30 Net WPM speed chahiye. Test 10 minute ka hota hai, passage lagbhag 1,800 key-depressions ka. Gross nahin, Net WPM pass karne ke liye count hota hai — matlab errors ki penalty ghatane ke baad jo speed bache.

Allowed hai, 2022 se. Lekin har backspace time kharab karta hai — isliye sirf obvious mistakes theek karein, baaki chhod dein. Jo aspirants pass hote hain woh backspace bahut kam use karte hain.

Woh jo application form mein select kiya hai — exam ke din wahi milega, change nahin kar sakte. Agar abhi decide karna hai: Mangal modern default hai aur zyada centres mein available hai; Kruti Dev purana hai lekin kuch regional centres mein abhi bhi zaroori hai. Admit card aane ke baad check kar lijiye.

Hindi typing mein sabse zyada errors matra mein hote hain — ि-ी ka ulta, ो ke bajaye ौ, anuswara chhootna. SSC ka software har matra ko alag character ginta hai, isliye ek matra ki chook ek poori error hai. Pichhle do hafton mein roz 15 minute sirf matra-wale shabdon par practice karein.

Us selection cycle se bahar. Tier 2 mein kitne bhi marks aaye hon, typing qualify na hone par final merit list mein nahin aate. Agle cycle mein dobara apply karna hoga. Isi wajah se 30 WPM ke bajaye 35 WPM ka target rakhna chahiye — thoda margin safe raheta hai.