High Court / District Court · कोर्ट क्लर्क · हिंदी माध्यम — Mangal और Kruti Dev

Court Clerk हिंदी टाइपिंग टेस्ट — मंगल और कृति देव, दोनों लेआउट

कोर्ट क्लर्क हिंदी टाइपिंग टेस्ट — Mangal (इनस्क्रिप्ट) और Kruti Dev (रेमिंगटन), एक ही जगह

कोर्ट क्लर्क की हिंदी टाइपिंग दो लेआउट में होती है — Mangal (InScript) और Kruti Dev (Remington)। दोनों पर एक ही व्यवस्था लागू है: राज्य-HC के अनुसार 25 से 30 Net WPM की कटऑफ़, 5 से 10 मिनट का विंडो, और आदेश-सार, CrPC/CPC धाराओं तथा cause-list register जैसा एक न्यायिक हिंदी पैसेज। फ़र्क़ सिर्फ़ कीबोर्ड के व्यवहार और फ़ॉन्ट का है। आधुनिकीकृत High Court अब Mangal Unicode + InScript स्वीकार करती हैं, जबकि UP, Bihar, MP और Rajasthan की कई HC अब भी Kruti Dev (Remington) अनिवार्य रखती हैं। नीचे से वही लेआउट चुनिए जो आपके admit card पर लिखा है, और सीधे टेस्ट शुरू कीजिए — दोनों के लिए अलग गाइड, स्कोरिंग और चार हफ़्ते का प्लान इसी पेज पर है।

स्पीड कटऑफ़
25-30 WPM
अवधि
5-10 मिनट
लेआउट
2 विकल्प
बैकस्पेस
Allowed*
स्कोरिंग
Net WPM

अपना लेआउट चुनें

admit card / नोटिफ़िकेशन पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए — दोनों टेस्ट अलग हैं
हिंदी मंगल · InScript

हिंदी मंगल (इनस्क्रिप्ट)

आधुनिक यूनिकोड मानक। मात्रा व्यंजन के बाद आती है, यानी जिस क्रम में हम हिंदी पढ़ते हैं। नए उम्मीदवारों के लिए आसान, हर सिस्टम पर compatible — और वही यूनिकोड नौकरी के बाद कोर्ट की e-office, e-court portal और cause-list systems में भी काम आता है। आधुनिकीकृत High Court इसी को स्वीकार करती हैं।

मंगल में टेस्ट शुरू करें → मंगल गाइड पढ़ें ↓
हिंदी कृति देव · Remington

हिंदी कृति देव (रेमिंगटन)

लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट। इ-मात्रा व्यंजन से पहले आती है (उल्टा क्रम)। टाइपराइटर/कोचिंग पर रेमिंगटन सीखे, और साथ में SSC स्टेनोग्राफर व State LDC की भी तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए। UP, Bihar, MP और Rajasthan की कई HC अब भी इसे अनिवार्य रखती हैं।

कृति देव में टेस्ट शुरू करें → कृति देव गाइड पढ़ें ↓

दोनों टेस्ट में 25-30 Net WPM कटऑफ़, 5-10 मिनट और Net WPM स्कोरिंग एक जैसी है — केवल कीबोर्ड लेआउट और फ़ॉन्ट अलग हैं। पक्का न हो तो नीचे Mangal बनाम Kruti Dev की तुलना पढ़ लीजिए, या अपने कोर्ट की नोटिफ़िकेशन में फ़ॉन्ट की पुष्टि कीजिए।

क्या आपका कोर्ट English माध्यम का है? Madras, Karnataka और Bombay जैसी English-medium High Court में, और द्विभाषी अनुवादक पदों के लिए — आमतौर पर 30-35 WPM कटऑफ़ पर, QWERTY लेआउट में।
English गाइड खोलें →
अभी तय नहीं किया कौन सा माध्यम आपके फ़ॉर्म पर lock होगा? Picker hub हर माध्यम — English, मंगल, कृति देव — को कोर्ट और कटऑफ़ से जोड़कर सही चुनाव में मदद करता है।
भाषा पिकर पर लौटें →

कोर्ट क्लर्क हिंदी टाइपिंग टेस्ट किन पदों के लिए ज़रूरी है?

High Court और District Court के किन पदों पर यह कटऑफ़ लागू है — चाहे Mangal चुना हो या Kruti Dev

कोर्ट क्लर्क भारत की सबसे बिखरी हुई टाइपिंग-परीक्षा श्रेणी है — हर High Court अपनी भर्ती अपनी शर्तों पर निकालता है, और हिंदी माध्यम दो लेआउट (Mangal/InScript या Kruti Dev/Remington) में मिलता है। जिन उम्मीदवारों ने आवेदन में हिंदी माध्यम चुना है, उनके लिए यह टेस्ट मुख्यतः इन पदों पर मायने रखता है।

उच्च न्यायालय

जूनियर असिस्टेंट / कोर्ट क्लर्क (JJA समकक्ष)

Allahabad, Patna, MP और Rajasthan जैसी हिंदी-पट्टी HC में यही प्रमुख पद है। आदेश, सूचियाँ और प्रशासनिक पत्राचार हिंदी में टाइप करने पड़ते हैं, इसलिए हिंदी टाइपिंग पासिंग अनिवार्य है।

हिंदी-माध्यम न्यायालय

स्टेनो-टाइपिस्ट (हिंदी)

हिंदी डिक्टेशन वाली अदालतों में स्टेनो-टाइपिस्ट को भी यही हिंदी टाइपिंग गति दिखानी पड़ती है। शुद्धता पर ज़ोर अधिक रहता है — आदेश की एक चूक रिकॉर्ड में आगे बढ़ती है।

द्विभाषी पद

अनुवादक (अंग्रेज़ी–हिंदी)

कई HC अनुवादक पदों पर अंग्रेज़ी और हिंदी, दोनों में टाइपिंग माँगते हैं। यह Mangal पेज हिंदी घटक की तैयारी के लिए है; अंग्रेज़ी घटक अलग से अभ्यास करना होगा।

जिला न्यायालय

लोअर डिवीज़न क्लर्क (कोर्ट) समकक्ष

हिंदी-पट्टी राज्यों के District Court में LDC समकक्ष पदों पर वही राज्य-HC परंपरा चलती है। कुछ आधुनिकीकृत जिला परिसर अब Mangal Unicode विकल्प भी देने लगे हैं।

पहली बार आवेदन करने वाले उम्मीदवार अक्सर मान लेते हैं कि एक ही टाइपिंग पैटर्न हर कोर्ट में लागू होता है। ऐसा नहीं है। Allahabad HC की गति, Patna HC की गति और MP HC की गति — सब अपनी-अपनी नोटिफ़िकेशन में तय होती हैं, और हिंदी फ़ॉन्ट का विकल्प (Mangal या Kruti Dev) भी कोर्ट-दर-कोर्ट बदलता है। आधुनिकीकृत High Court अब Mangal/InScript की तरफ़ बढ़ रही हैं, जबकि UP, Bihar, MP और Rajasthan की कई HC अब भी Kruti Dev/Remington अनिवार्य रखती हैं। दोनों रास्तों के लिए इसी पेज पर अलग-अलग गाइड हैं — नीचे Mangal गाइड और Kruti Dev गाइड। प्रैक्टिस शुरू करने से पहले अपने कोर्ट की नोटिफ़िकेशन में फ़ॉन्ट, अवधि और गति की पुष्टि कर लें — फिर ऊपर से वही लेआउट चुनकर अभ्यास शुरू कीजिए।

कोर्ट क्लर्क हिंदी टाइपिंग का आधिकारिक पैटर्न

हर High Court अपने नियम ख़ुद तय करता है — एक केंद्रीय पैटर्न नहीं; नियम दोनों लेआउट पर समान

सबसे पहले यह समझ लें: कोर्ट क्लर्क टाइपिंग का कोई एक राष्ट्रीय पैटर्न नहीं है। हर High Court अपनी भर्ती-नोटिफ़िकेशन में अवधि, गति और फ़ॉन्ट अलग से बताता है। नीचे दिए गए आँकड़े आम परंपरा हैं — अंतिम सत्य आपकी अपनी नोटिफ़िकेशन ही है। जो भी नियम नीचे हैं, वे Mangal और Kruti Dev — दोनों लेआउट पर एक जैसे लागू होते हैं; फ़र्क़ केवल कीबोर्ड व्यवहार और फ़ॉन्ट का है।

अवधि: राज्य के अनुसार 5 से 10 मिनट। घड़ी तब शुरू होती है जब उम्मीदवार स्टार्ट पर क्लिक करे — पानी पीने, कीबोर्ड समस्या या सिस्टम रीस्टार्ट के लिए नहीं रुकती (उन्हें इनविजिलेटर अलग से संभालता है)।

माध्यम और फ़ॉन्ट: आवेदन में जो भाषा और फ़ॉन्ट चुना गया है, वही परीक्षा में मिलेगा। हिंदी उम्मीदवारों को Mangal (यूनिकोड, InScript लेआउट) या Kruti Dev (रेमिंगटन लेआउट) पैसेज मिलता है। आधुनिकीकृत HC व्यवस्थाएँ Mangal स्वीकार करती हैं; UP, Bihar, MP और Rajasthan की कई HC में अभी भी Kruti Dev (Remington) ज़्यादा आम है। परीक्षा के दिन माध्यम या फ़ॉन्ट बदलने का विकल्प नहीं है, और interface केवल चुना हुआ लेआउट load करता है — कोई fallback नहीं।

पैसेज की शैली: कोर्ट क्लर्क पैसेज सामान्य प्रशासनिक गद्य नहीं होते। इनमें न्यायिक भाषा होती है — आदेश के सार, याचिकाकर्ता/प्रतिवादी की संरचनाएँ, CrPC/CPC की धाराएँ, और औपचारिक हिंदी पत्राचार। इसी रजिस्टर पर अभ्यास करना ज़रूरी है।

स्पीड कटऑफ़: राज्य-HC के अनुसार 25 से 30 Net WPM हिंदी। Allahabad (UP HC) में आमतौर पर 25 WPM, Patna HC में 30, MP HC में 25, Rajasthan HC में 25-30। कटऑफ़ से नीचे फ़ेल, कोई आंशिक क्रेडिट नहीं।

क्वालिफ़ाइंग प्रकृति: ज़्यादातर HC में यह स्किल टेस्ट केवल क्वालिफ़ाइंग होता है — पर कुछ कोर्ट इसके अंक को अंतिम मेरिट में टाई-ब्रेकर की तरह इस्तेमाल करते हैं। जो उम्मीदवार कटऑफ़ से चूक गया, वह उस भर्ती से बाहर हो जाता है।

कोर्ट क्लर्क हिंदी टाइपिंग की स्कोरिंग कैसे होती है

Net WPM पर कटऑफ़ — Gross पर नहीं; दोनों लेआउट पर समान

अधिकांश High Court Net WPM को प्राथमिक मानक रखते हैं, Gross को नहीं — चाहे आपने Mangal चुना हो या Kruti Dev। ज़्यादातर प्रैक्टिस साइटें केवल Gross दिखाती हैं, इसीलिए उम्मीदवार अपने Net स्कोर से परीक्षा के दिन हैरान होते हैं। एक बात ध्यान रखें: SSC CHSL/CGL जैसी परीक्षाओं में error weighting अक्सर "half-mistake" आधारित होती है (पूरी और आधी गलतियों का अलग वज़न), पर कई High Court कोर्ट क्लर्क में सीधे gross-error प्रतिशत पर qualify तय करते हैं — हर ग़लत या छूटा अक्षर एक पूरी error, बिना half-mistake रियायत के। यही वजह है कि कोर्ट क्लर्क में accuracy का दबाव SSC से भी कड़ा महसूस होता है। यहाँ सटीक फ़ॉर्मूला है, एक काम किए हुए उदाहरण के साथ।

Gross WPM

ग्रॉस WPM कच्ची स्पीड को गिनता है — टाइप किए गए कुल अक्षर, पाँच की मानक शब्द-लंबाई से विभाजित, और फिर बीते मिनटों से विभाजित।

Gross WPM = (Total characters typed / 5) / Minutes

Net WPM

नेट WPM त्रुटियों को घटाता है। कोर्ट का स्कोरिंग सॉफ़्टवेयर हर ग़लत अक्षर और हर छूटे हुए अक्षर को एक पूर्ण त्रुटि मानता है। कुल त्रुटियों को मिनटों से विभाजित करके त्रुटि-प्रति-मिनट की पेनाल्टी निकाली जाती है, और यह पेनाल्टी ग्रॉस WPM में से घटा दी जाती है।

Net WPM = Gross WPM − (Total errors / Minutes)

काम किया हुआ उदाहरण

एक उम्मीदवार ने 1,600 सही अक्षर टाइप किए और 15 त्रुटियाँ (ग़लत या छूटे हुए) दस मिनट में कीं।

Gross WPM = 1,600 / 5 / 10 = 32 WPM
Net WPM = 32 − (15 / 10) = 30.5 WPM

यह 30 WPM कटऑफ़ बस 0.5 WPM के अंतर से पार कर गया — एक अतिरिक्त त्रुटि और फ़ेल। यही वजह है कि कटऑफ़ से 4-5 WPM ऊपर लक्ष्य रखना व्यर्थ नहीं: यही वह सुरक्षा मार्जिन बनाता है जो Net WPM का नियम माँगता है।

बैकस्पेस का नियम — और उसका सही इस्तेमाल

यह कोर्ट के सॉफ़्टवेयर पर निर्भर करता है — Mangal और Kruti Dev दोनों पर, इसलिए पहले पुष्टि करें

बैकस्पेस की अनुमति है या नहीं, यह परीक्षा केंद्र के सॉफ़्टवेयर पर निर्भर करता है — यह नियम Mangal और Kruti Dev दोनों पर लागू है। आधुनिक HC भर्ती में TCS-iON और NIC के बनाए पैनल आमतौर पर बैकस्पेस allowed रखते हैं, पर कुछ पुराने राज्य-विशिष्ट सिस्टम इसे बंद कर देते हैं। नोटिफ़िकेशन या कोर्ट रजिस्ट्री से परीक्षा से पहले इसकी पुष्टि कर लें — यह अस्पष्टता ही अतीत में कुछ disqualifications का कारण बनी है। डिफ़ॉल्ट रूप से forward-only टाइपिंग का अभ्यास करें; बैकस्पेस को बोनस मानें, रणनीति नहीं।

Kruti Dev में बैकस्पेस और महँगा है। कई अक्षर shift-combination माँगते हैं — जैसे 'ष' के लिए " (shift-apostrophe), या संयुक्त अक्षरों के लिए हलंत-sequence। ऐसी जगह backspace करने पर दोबारा वही shift-sequence लगानी पड़ती है। साथ ही इ-मात्रा का उल्टा क्रम: अगर 'अधिसूचना' में मात्रा ग़लत जगह पड़ गई, तो पीछे जाकर मात्रा और व्यंजन दोनों सही क्रम में दोबारा मारने पड़ते हैं — एक छोटी चूक तीन-चार keystrokes खा जाती है। इसीलिए Kruti Dev में forward-only अनुशासन Mangal से भी ज़्यादा ज़रूरी है।

नियम जानना और उसका सही उपयोग करना एक बात नहीं है। हर बैकस्पेस दो कीस्ट्रोक के बराबर समय खाता है — एक मिटाने के लिए, एक फिर टाइप करने के लिए — और कभी-कभी उससे अधिक, यदि सुधार स्वयं ग़लत हो जाए। जो उम्मीदवार अच्छे मार्जिन से पास होते हैं वे आम तौर पर तीन नियम मानते हैं:

  • त्रुटि तभी ठीक करें जब वह तुरंत दिखाई दे — मात्रा का चूकना, अक्षर का दोहराव। पाँच शब्द पीछे जाकर कोई पुरानी ग़लती ठीक करना समय की बर्बादी है।
  • किसी शब्द के बीच में सुधार न करें। शब्द पूरा करें, फिर बैकस्पेस से त्रुटि तक जाएँ। लय टूटना त्रुटि से अधिक महँगा पड़ता है।
  • अंतिम एक मिनट में सुधार छोड़ दें। आख़िरी साठ सेकंड में जो है वह टाइप करें — त्रुटियों सहित। अधूरे शब्द और अधूरे पैसेज — दोनों बराबर त्रुटि के रूप में गिने जाते हैं। स्पीड जीतती है।

जो उम्मीदवार नियम जानने के बावजूद फ़ेल होते हैं, वे लगभग हमेशा over-correction से फ़ेल होते हैं। तीसवें सेकंड पर एक टाइपो दिखता है, दस अक्षर पीछे जाकर सुधार करते हैं, पाँच सेकंड खर्च होते हैं, और वह समय फिर कभी वापस नहीं मिलता। दोनों modes में अभ्यास करें — backspace-allowed और strict — ताकि निर्णय परीक्षा के दिन स्वतः हो जाए।

मंगल बनाम कृति देव — कौन सा चुनें

दोनों एक ही हिंदी लिखते हैं, पर कीबोर्ड का व्यवहार बिलकुल अलग है

कोर्ट क्लर्क की हिंदी टाइपिंग दोनों लेआउट में हो सकती है, पर एक ही समय पर सिर्फ़ वही चलता है जो आपने फ़ॉर्म में चुना — और कौन सा स्वीकार्य है, यह आपके High Court की नोटिफ़िकेशन तय करती है। दोनों एक ही हिंदी लिखते हैं, फिर भी keys की जगह और मात्राओं का क्रम अलग है। सबसे बड़ा अंतर मात्राओं के क्रम का है। Remington (Kruti Dev) में इ-मात्रा (ि) व्यंजन से पहले दबती है — यानी 'अधिसूचना' के 'धि' में पहले ि, फिर ध; यह उल्टा क्रम कई नए उम्मीदवारों को शुरू में उलझाता है। InScript (Mangal) में मात्रा हमेशा व्यंजन के बाद आती है, जैसे हम हिंदी पढ़ते-लिखते हैं। कोर्ट के पैसेज में 'अधिसूचना', 'याचिकाकर्ता', 'निरीक्षक', 'अधिनियम' जैसे इ-मात्रा वाले शब्द बार-बार आते हैं — इसलिए जो लेआउट चुना है, उसी का मात्रा-क्रम परीक्षा से पहले reflex बन जाना चाहिए।

Mangal · InScript · Unicode

आधुनिक, phonetic, हर सिस्टम पर compatible

'क' सीधे k key पर, और मात्रा व्यंजन के बाद। हर keypress सीधे Unicode देवनागरी अक्षर store करता है — किसी भी सिस्टम पर यह text बिना फ़ॉन्ट install किए पढ़ा जा सकता है, और वही यूनिकोड कोर्ट की e-office व e-court portal में भी चलता है। किसके लिए: पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे, कोई पुरानी आदत नहीं; और जिनका कोर्ट Mangal स्वीकार करता है।

Kruti Dev · Remington · legacy ASCII

टाइपराइटर-आधारित, Steno/State-LDC से overlap

'क' के लिए d, इ-मात्रा व्यंजन से पहले। फ़ाइल अंदर से ASCII रहती है — देवनागरी तभी दिखती है जब Kruti Dev फ़ॉन्ट load हो। किसके लिए: जिन्होंने टाइपराइटर/कोचिंग पर Remington सीखी, साथ में SSC स्टेनो/State LDC की भी तैयारी कर रहे हैं, या जिनका कोर्ट (UP/Bihar/MP/Rajasthan) Kruti Dev अनिवार्य रखता है।

फ़ैसले की पक्की कसौटी: सबसे पहले अपने कोर्ट की नोटिफ़िकेशन देखें — अगर वह केवल Kruti Dev अनिवार्य रखती है, तो Mangal सीखने का फ़ायदा नहीं। admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए — परीक्षा के दिन वही मिलेगा जो application form में भरा था, और उस दिन बदलाव का विकल्प नहीं रहता। अगर कोर्ट दोनों स्वीकार करता है और कोई पुरानी आदत नहीं है, तो Mangal आसान शुरुआत है और नौकरी के बाद यूनिकोड कोर्ट-दफ़्तर में भी काम आता है। पर Remington पर पहले से हाथ सधे हैं — या साथ में SSC स्टेनो/State LDC भी भर रहे हैं — तो उसी पर टिके रहिए; परीक्षा से ठीक पहले switch करने से पहले दो हफ़्ते speed actually 30-40% गिरती है।

गाइड 1 · हिंदी मंगल

हिंदी मंगल (इनस्क्रिप्ट) गाइड

यूनिकोड इनस्क्रिप्ट लेआउट के लिए विशेष — मात्रा व्यंजन के बाद; आधुनिकीकृत कोर्ट इसी को स्वीकार करते हैं

Mangal का मतलब है इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड — एक phonetic लेआउट जहाँ स्वर बाएँ हाथ पर और व्यंजन दाएँ हाथ पर हैं, और मात्रा हमेशा व्यंजन के बाद टाइप होती है, ठीक जैसे हम हिंदी बोलते-पढ़ते हैं। यही वजह है कि पहली बार हिंदी टाइपिंग सीख रहे कोर्ट क्लर्क उम्मीदवारों के लिए — जिनका कोर्ट Mangal स्वीकार करता है — हम Mangal की सलाह देते हैं। केंद्र पर पैनल पहले से तैयार मिलता है; आपको कुछ चुनना या इंस्टॉल नहीं करना। हर keypress सीधे Devanagari Unicode में सहेजा जाता है, इसलिए टाइप की गई फ़ाइल किसी भी सिस्टम पर बिना फ़ॉन्ट इंस्टॉल किए पढ़ी जा सकती है — और वही यूनिकोड कोर्ट की e-office file-noting, cause-list और e-court portals में भी चलता है।

वे छह ग़लतियाँ जो Mangal उम्मीदवारों को टेस्ट हरा देती हैं

ये वे पैटर्न हैं जो असफल रह चुके और अगली भर्ती में पास हुए Mangal-stream उम्मीदवारों के feedback में बार-बार आते हैं। हर सुधार छोटा है; उनका संयुक्त प्रभाव पाँच से सात WPM है।

1

बीच पैसेज में बहुत ज़्यादा सुधार करना

बैकस्पेस allowed है इसलिए हर छोटी त्रुटि सुधार्य लगती है। हर सुधार दो से पाँच सेकंड खाता है, और आठवें मिनट तक correction का बजट speed के बजट को खा चुका होता है।

केवल उन्हीं typos को ठीक करें जो उसी शब्द में तुरंत दिखें। बाक़ी सब चलने दें।
2

मात्रा (diacritic) की ग़लतियाँ — हिंदी की असली जाँच

हिंदी टाइपिंग में अधिकांश त्रुटियाँ शब्द में नहीं, मात्राओं में होती हैं — ि-ी का उलटा, ो के बजाय ौ, अनुस्वार छूटना। कोर्ट का स्कोरिंग सॉफ़्टवेयर हर मात्रा को अलग अक्षर गिनता है, इसलिए एक मात्रा की चूक एक पूरी त्रुटि है।

पिछले दो हफ़्तों में रोज़ पंद्रह मिनट केवल मात्रा-वाले शब्दों पर अभ्यास करें — "याचिकाकर्ता", "प्रतिवादी", "अधिनियम"।
3

गलत font पर अभ्यास करना

एक उम्मीदवार जिसने Kruti Dev पर चार महीने अभ्यास किया और admit card पर Mangal देखा, परीक्षा में नहीं पहुँचा। कुंजी मानचित्र काफ़ी अलग है — एक मात्रा जहाँ एक font में है, दूसरे में कहीं और।

Application form submit करते ही चुने हुए माध्यम को लिखकर रखें। वही font पहले दिन से अभ्यास करें। admit card आने पर पुष्टि कर लें।
4

परीक्षा को sprint मान लेना

बहुत तेज़ शुरुआत करने वाले उम्मीदवार 45 सेकंड की दीवार से टकराते हैं — हाथ कड़े हो जाते हैं, शुद्धता गिर जाती है, और पाँचवें मिनट तक Net WPM कटऑफ़ से नीचे चला जाता है।

पहले दो मिनट आरामदायक 27-28 WPM पर चलें। बीच में 32 WPM तक बढ़ाएँ। फिर स्थिर रहें।
5

पूरे समय के mock टेस्ट से बचना

तीस सेकंड की प्रैक्टिस speed सिखाती है; केवल पूरे दस मिनट के session stamina सिखाते हैं जिसे असली टेस्ट पुरस्कृत करता है। जिसने पूरी लंबाई का mock कभी नहीं दिया, वह अक्सर आठवें मिनट पर सिकुड़ जाता है।

अंतिम हफ़्ते में कम से कम तीन पूरे दस मिनट के mocks दें। उसी समय पर जिस समय असली परीक्षा तय है।
6

सिर्फ़ कंप्यूटर कीबोर्ड पर अभ्यास करना

ज़्यादातर उम्मीदवार laptop keyboard पर अभ्यास करते हैं। कोर्ट परीक्षा केंद्रों पर full-size external कीबोर्ड होते हैं, जिनकी key travel और actuation गहराई अलग होती है। केवल chiclet keys पर अभ्यास करने वाला परीक्षा के दिन पाँच से दस WPM खो देता है।

परीक्षा से दो हफ़्ते पहले एक सामान्य wired external कीबोर्ड ले आइए। अंतिम 300 मिनट का अभ्यास उसी पर कीजिए।

Mangal के लिए चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान

यह क्रम रोज़ाना तीस केंद्रित मिनट, हफ़्ते में छह दिन मानकर बनाया गया है। जो उम्मीदवार पहले से 25 WPM से ऊपर हैं, वे इसे दो हफ़्ते में संक्षिप्त कर सकते हैं। 15 WPM से नीचे वालों को week 1 को तीन हफ़्ते तक खींचना चाहिए। अंतिम हफ़्ते में अपने कोर्ट जैसी legal-शैली के पैसेज (आदेश-सार, CrPC/CPC धाराएँ) पर ही अभ्यास करें।

Week 1

शुद्धता की नींव

target: 15 WPM at 98% accuracy
  • होम-रो ड्रिल, बिना कीबोर्ड देखे, पाँच मिनट
  • आरामदायक स्पीड पर पूरे पाँच मिनट के पैसेज
  • स्पीड नहीं, शुद्धता पर नज़र रखें
  • मात्रा वाले शब्दों पर विशेष अभ्यास
Week 2

स्पीड बढ़ाना

target: 22 WPM at 96% accuracy
  • रोज़ दस मिनट का session, पूरे विराम चिह्नों के साथ
  • केवल legal और प्रशासनिक पैसेज — आदेश के सार, धाराएँ
  • रविवार को एक 30 मिनट का session
  • drill के बीच त्रुटियों को नज़रअंदाज़ करें; बाद में देखें
Week 3

सहनशीलता

target: 30 WPM on full-length passages
  • हर दूसरे दिन पूरी लंबाई का mock
  • एक दिन backspace-allowed, एक दिन strict
  • उस अंतिम विंडो पर ध्यान दें जहाँ अधिकांश उम्मीदवार गिरते हैं
  • इस हफ़्ते से बाहरी कीबोर्ड पर practice करें — exam day पर अपना नहीं मिलेगा
Week 4

Mocks और कमज़ोर जगहें

target: 32 WPM on three consecutive mocks
  • रोज़ पूरी लंबाई का mock, उसी time slot पर जिस पर परीक्षा तय है
  • हर mock की समीक्षा — किस प्रकार के शब्द त्रुटि करा रहे हैं, track करें
  • प्रत्येक mock के बाद पाँच मिनट का cooldown — धीमी, शुद्ध टाइपिंग
  • अंतिम दो दिन पूरी तरह आराम — अंतिम drill से बेहतर है विश्राम

परीक्षा जैसी स्थिति में अभी मंगल मॉक दें

10 मिनट का टाइमर, कोर्ट-शैली का legal पैसेज, Mangal/InScript लेआउट, Net WPM स्कोरिंग, और बैकस्पेस मोड चुनने का विकल्प। कोई sign-up नहीं, widget के अंदर कोई विज्ञापन नहीं, और एक result card जो दिखाता है कि Net WPM पेनाल्टी किन मात्रा-गलतियों से आई।

मंगल में टेस्ट शुरू करें →
10-min test  ·  Mangal / InScript  ·  No sign-up
गाइड 2 · हिंदी कृति देव

हिंदी कृति देव (रेमिंगटन) गाइड

लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट, Remington लेआउट — इ-मात्रा व्यंजन से पहले (उल्टा क्रम); UP/Bihar/MP/Rajasthan की कई HC में अनिवार्य

कृति देव कोई कीबोर्ड नहीं, एक लेगेसी ASCII फ़ॉन्ट है जो हमेशा Remington (Gail) लेआउट पर चलता है — वही पुराने हिंदी टाइपराइटर वाला mapping जो ज़्यादातर कोचिंग सेंटर आज भी सिखाते हैं। आप Latin keys दबाते हैं, और स्क्रीन पर देवनागरी glyph तभी बनते हैं जब कृति देव फ़ॉन्ट लोड हो; फ़ाइल के अंदर text Latin ASCII ही रहता है। इसकी एक ख़ास बात — इ-मात्रा (ि) व्यंजन से पहले टाइप होती है, उल्टे क्रम में, जो Mangal की इनस्क्रिप्ट से बिलकुल अलग है। हिंदी-पट्टी की कई High Court — Allahabad (UP), Patna, MP और Rajasthan — आज भी इसी Kruti Dev को अनिवार्य रखती हैं, इसलिए जो उम्मीदवार SSC स्टेनोग्राफर या State LDC की भी तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए एक ही Remington प्रैक्टिस कई परीक्षाओं में काम आती है।

Remington बनाम InScript — कृति देव उम्मीदवारों को दोनों क्यों समझने चाहिए

दोनों layout एक ही हिंदी लिखते हैं, पर keys की जगह बिलकुल अलग है। Remington पुराने टाइपराइटर के अनुभव पर बना है — सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले अक्षर home row के क़रीब, पर logic शब्द-आधारित नहीं। InScript (जो Mangal के साथ आता है) phonetic logic पर बना है — स्वर left hand पर, व्यंजन right hand पर, और matras वर्ण के बाद। Kruti Dev हमेशा Remington पर चलता है; अगर आप InScript सीख चुके हैं और परीक्षा से ठीक पहले switch करना चाहते हैं, तो मानसिक mapping नए सिरे से बनानी होगी — और पहले दो हफ़्ते speed actually गिरती है।

Remington · Kruti Dev

टाइपराइटर-आधारित, Kruti Dev फ़ॉन्ट required

'क' is typed as d, 'का' as dk, 'है' as gS. Latin keys दबाने पर screen पर Devanagari glyph तभी दिखती है जब Kruti Dev font installed हो। File internally ASCII ही रहती है।

InScript · Mangal / Unicode

Phonetic, Unicode native

'क' is on k key, matras after consonant. हर keypress directly Unicode Devanagari character store करता है — किसी भी system पर यह text बिना font install किए पढ़ा जा सकता है।

कृति देव का एक नमूना — कोर्ट-शैली में, लाइव रेंडर होते हुए

नीचे नमूने में actual Latin characters हैं — पर page पर Kruti Dev 010 फ़ॉन्ट load होने के बाद यह देवनागरी में दिखेगा। अगर फ़ॉन्ट load नहीं हुआ, तो आपको Latin ही दिखेगा। यही वह behaviour है जो कोर्ट के यूनिकोड-आधारित e-court और portal systems के साथ compatibility तोड़ता है — इसलिए नौकरी के बाद Unicode conversion ज़रूरी है।

Kruti Dev 010 · court-style sample
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ऊपर दिए गए अक्षर Latin ASCII हैं। कृति देव 010 फ़ॉन्ट के साथ यह “न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ता और प्रतिवादी को आदेश की प्रति के साथ अधिसूचना जारी की गई।” दिखाई देता है। ध्यान दें — ‘याचिकाकर्ता’, ‘अधिसूचना’, ‘प्रतिवादी’ जैसे शब्दों की इ-मात्रा रेमिंगटन में व्यंजन से पहले मारी जाती है। अगर आप यह text किसी Unicode editor या e-court portal में paste करेंगे, तो वहाँ Latin ही बचेगा — इसीलिए कोर्ट में ज्वाइन करने के बाद फ़ाइलों के लिए Unicode conversion ज़रूरी है।

छह ग़लतियाँ जो कृति देव उम्मीदवारों को qualify नहीं होने देतीं

कुछ रेमिंगटन की संरचना से आती हैं, कुछ कोर्ट के legal और order-sheet पैसेज से — ये ख़ास कृति देव की हैं, और Mangal वाली drills इन्हें नहीं पकड़तीं।

1

इनस्क्रिप्ट की आदत stress में लौट आना

अगर आपने Mangal पर भी थोड़ी प्रैक्टिस की है, तो परीक्षा के दबाव में उँगलियाँ InScript की mapping लगा देती हैं — ‘क’ के लिए k दबाती हैं जबकि Kruti Dev में वह d है। यह एक नहीं, दर्जनों गलतियाँ एक साथ बनाती है, और पूरा पैराग्राफ बिगड़ जाता है।

exam week में सिर्फ़ कृति देव/रेमिंगटन पर ही practice रखें; इनस्क्रिप्ट को touch भी न करें।
2

संयुक्त अक्षरों (conjuncts) में हिचकिचाना

‘क्ष’, ‘त्र’, ‘ज्ञ’ — कृति देव में इन्हें बनाने के लिए एक से अधिक keystroke हैं, और हलंत key याद रखनी पड़ती है। कोर्ट के औपचारिक पैसेज में ‘न्यायालय’, ‘अधिनियम’, ‘प्रतिवादी’ जैसे conjunct-भारी शब्द घने होते हैं, और हर hesitation rhythm तोड़ती है।

top 20 conjunct patterns की muscle-memory बनाएँ; ज़्यादा conjuncts वाले legal पैराग्राफ पर रोज़ 5 मिनट।
3

मात्राओं में चूक (ि और ी, ो और ौ)

Remington में ि और ी लगभग बग़ल की keys पर हैं — एक letter की चूक पूरे शब्द को गलत बनाती है। ो और ौ भी confusable। ये silent errors हैं — screen पर पढ़ते समय धोखा हो जाता है, और कोर्ट के सीधे gross-error scoring में हर एक पूरी error गिनी जाती है।

practice tests में error-highlight ON रखें। 50 ग़लत मात्रा वाले शब्द (अधिसूचना, प्रतिवादी, याचिकाकर्ता) ख़ासतौर पर drill करें।
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Number row पर underused keys की blind spot

कृति देव में कुछ frequent अक्षर/मात्राएँ number row पर हैं — जैसे ‘ई’ और कुछ विशेष चिह्न। ज़्यादातर लोग number row ignore करके touch-type करते हैं, फिर case-number, धारा-संख्या या amount वाले कोर्ट पैराग्राफ में stumble करते हैं।

week 3 से number-heavy paragraphs (धारा 302, case no., आँकड़े) पर specifically practice रखें।
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घर के कीबोर्ड की feel पर भरोसा, केंद्र पर झटका

घर के keyboard का layout और tactile feel कोर्ट परीक्षा केंद्र के standard mechanical keyboard से अलग है — key travel अलग, spring pressure अलग। रेमिंगटन में shift-combination ज़्यादा हैं, इसलिए पहले 60 seconds में error rate तीन गुना हो जाता है।

अंतिम दो हफ़्ते के mock tests किसी public cyber café या library के keyboard पर करें — exam-day shock से बचाव।
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नौकरी के बाद यूनिकोड न आना — देर से चौंकना

यह परीक्षा-दिन की नहीं, उसके बाद की गलती है — पर सोच-समझकर लेआउट चुनने में मदद करती है। रेमिंगटन की स्पीड कोर्ट क्लर्क qualify करा देती है, पर कोर्ट की e-office, e-court portal और अधिसूचना-systems यूनिकोड में चलते हैं। जो केवल कृति देव जानते हैं और यूनिकोड कभी नहीं छुआ, वे join करने के बाद रोज़ के पत्राचार में अटकते हैं।

qualify होते ही हमारे कृति देव → यूनिकोड कन्वर्टर से अभ्यास शुरू कर दें; मंगल/इनस्क्रिप्ट का बुनियादी ज्ञान भी काम आएगा।

कृति देव के लिए चार हफ़्ते का प्रैक्टिस प्लान

यह उन उम्मीदवारों के लिए है जो पहले से रेमिंगटन से परिचित हैं, पर exam conditions में 25-30 Net WPM तक consistent नहीं हैं। अगर शून्य से शुरू कर रहे हैं तो हर phase को डेढ़-डेढ़ हफ़्ता दें। यह क्रम Mangal वाले से जान-बूझकर अलग है: यहाँ ज़ोर Remington muscle memory, conjuncts, shift-अक्षरों और केंद्र-नकल पर है। अंतिम हफ़्ते में अपने कोर्ट जैसी legal-शैली के पैसेज पर ही अभ्यास करें।

सप्ताह 1

रेमिंगटन की मसल मेमोरी ताज़ा करना

लक्ष्य: 18 → 22 WPM
  • रोज़ 30 मिनट: सबसे common 50 प्रशासनिक/legal शब्दों का drill, कृति देव फ़ॉन्ट on
  • home-row के रेमिंगटन equivalents, बिना कीबोर्ड देखे
  • ि, ी, ो, ौ — pre-base matras का exclusive अभ्यास (classic Remington trap)
  • कोर्ट के 30 सबसे आम शब्द (अधिसूचना, याचिकाकर्ता, अधिनियम) पहचानना
सप्ताह 2

Conjuncts और हलंत

लक्ष्य: 22 → 28 WPM
  • सबसे ज़रूरी 20 conjuncts (क्ष, त्र, ज्ञ, द्व, स्त्र…)
  • Passage-based practice: रोज़ 5 मिनट × 3 sessions, legal register में
  • Mistake log — रोज़ के top 5 ग़लत मात्रा-क्रम वाले शब्द note करें
  • backspace दबाने से पहले “पूरा शब्द पहले” policy
सप्ताह 3

पूरी लंबाई के पैसेज की नकल

लक्ष्य: 28 → 33 WPM
  • रोज़ 2 पूरे mock tests (अपने कोर्ट की अवधि पर), legal पैराग्राफ — आदेश-सार, धाराएँ, पत्राचार
  • Net WPM और per-minute errors दोनों track करें
  • आख़िरी 3 मिनट का ख़ास drill — यही थकान और conjunct-शब्द वाला phase है
  • इस हफ़्ते से बाहरी/केंद्र-शैली कीबोर्ड पर practice
सप्ताह 4

केंद्र की नकल और buffer

लक्ष्य: स्थिर 32 – 34 WPM
  • Cyber café या library के keyboards पर कम से कम 3 mock tests
  • हर mock की समीक्षा — कौन से conjunct/इ-मात्रा शब्द errors करा रहे हैं
  • Exam-day वाले time slot पर ही practice करें
  • अंतिम 48 घंटे: सिर्फ़ review, कोई नया drill नहीं

अभी मुफ़्त कृति देव प्रैक्टिस टेस्ट दीजिए

कोर्ट जैसी settings: 10 मिनट का टाइमर, Remington layout, कृति देव 010 फ़ॉन्ट, legal-शैली का औपचारिक पैराग्राफ, Net WPM और errors दोनों। बैकस्पेस का विकल्प। टेस्ट ख़त्म होते ही detailed scorecard और mistakes का breakdown — कौन सी मात्रा-गलतियाँ और conjuncts penalty ला रहे हैं।

कृति देव में टेस्ट शुरू करें →
कोई signup नहीं · Remington / Kruti Dev 010 · फ़ॉन्ट locally लोड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Mangal, Kruti Dev और दोनों लेआउट से जुड़े वही सवाल, जो कोर्ट क्लर्क उम्मीदवार बार-बार पूछते हैं
राज्य-HC के अनुसार 25 से 30 Net WPM हिंदी — Mangal और Kruti Dev दोनों लेआउट पर यही कटऑफ़ है। Allahabad (UP HC) में आमतौर पर 25 WPM, Patna HC में 30, MP HC में 25-30, Rajasthan HC में 25-30। हर High Court की नोटिफ़िकेशन में सटीक संख्या जाँचें — कोई एक केंद्रीय कटऑफ़ नहीं है। पास Gross नहीं, Net WPM पर होता है — यानी गलतियों की penalty घटाने के बाद जो स्पीड बचे।
यह आपके High Court पर निर्भर है। आधुनिकीकृत HC व्यवस्थाएँ Mangal Unicode (InScript लेआउट) स्वीकार करती हैं; पुराना कोर्ट सॉफ़्टवेयर अब भी Kruti Dev (Remington) डिफ़ॉल्ट रखता है। UP, Bihar और MP की कई High Court में Kruti Dev अभी भी ज़्यादा आम है। इसी पेज पर दोनों के लिए अलग गाइड हैं। माध्यम और फ़ॉन्ट आवेदन-फ़ॉर्म में चुनना पड़ता है — परीक्षा के दिन बदला नहीं जा सकता, इसलिए आवेदन से पहले अपने कोर्ट की नोटिफ़िकेशन ज़रूर पढ़ें।
पहला फ़ैसला आपके कोर्ट का है — UP/Bihar/MP की कई HC अब भी Kruti Dev अनिवार्य रखती हैं, वहाँ Mangal सीखने का फ़ायदा नहीं। अगर आपका कोर्ट दोनों स्वीकार करता है और आपने अब तक शून्य प्रैक्टिस की है, तो Mangal (InScript) आसान शुरुआत है और वही यूनिकोड नौकरी के बाद कोर्ट की e-office में भी काम आता है। पर अगर आपने टाइपराइटर/कोचिंग पर रेमिंगटन सीखी है, या साथ में SSC स्टेनोग्राफर भी भर रहे हैं, तो Kruti Dev चुनिए — एक ही रेमिंगटन प्रैक्टिस दोनों परीक्षाओं में काम आती है। पक्की कसौटी: admit card पर जो माध्यम लिखा हो, वही चुनिए।
कोर्ट क्लर्क पैसेज सामान्य प्रशासनिक गद्य नहीं होते — इनमें न्यायिक भाषा होती है: आदेश के सार, निर्णयों के संक्षेप, याचिकाकर्ता/प्रतिवादी की संरचनाएँ, CrPC/CPC की धाराएँ, cause-list और order-sheet register जैसी औपचारिक हिंदी पत्राचार। शब्दावली घनी होती है — याचिकाकर्ता, प्रतिवादी, अधिनियम, अधिसूचना। केवल सामान्य गद्य पर अभ्यास करने वाले परीक्षा में धीमे पड़ जाते हैं, चाहे लेआउट Mangal हो या Kruti Dev।
यह कोर्ट के सॉफ़्टवेयर पर निर्भर करता है — Mangal और Kruti Dev दोनों पर। आधुनिक TCS-iON / NIC पैनल आमतौर पर बैकस्पेस allowed रखते हैं; कुछ पुराने राज्य-विशिष्ट सिस्टम इसे बंद कर देते हैं। नोटिफ़िकेशन या कोर्ट रजिस्ट्री से पुष्टि कर लें। हर correction दो से पाँच सेकंड खाता है, और हिंदी में अधिकांश गलतियाँ मात्रा में होती हैं — इसलिए केवल वही मात्रा-गलती ठीक करें जो उसी शब्द में तुरंत दिखे। Kruti Dev में यह और महँगा है क्योंकि कई अक्षर shift-combination माँगते हैं।
Kruti Dev रेमिंगटन (Gail) लेआउट पर चलता है, जो पुराने मैकेनिकल हिंदी टाइपराइटर की नक़ल है। उस टाइपराइटर पर इ-मात्रा (ि) को पहले मारकर फिर व्यंजन दबाया जाता था, इसलिए 'धि' टाइप करते समय पहले ि, फिर ध आता है — उल्टा क्रम। यही Mangal/InScript से सबसे बड़ा फ़र्क़ है, जहाँ मात्रा व्यंजन के बाद आती है। कोर्ट पैसेज में 'अधिसूचना', 'याचिकाकर्ता', 'निरीक्षक' जैसे इ-मात्रा वाले शब्द घने हैं, इसलिए रेमिंगटन वालों को इसी उल्टे क्रम का reflex बनाना होता है।
हाँ, सीधे। SSC स्टेनोग्राफर और कई राज्य LDC/UDC परीक्षाएँ आज भी रेमिंगटन/Kruti Dev अनिवार्य रखती हैं। जो अभ्यर्थी कोर्ट क्लर्क में Kruti Dev चुनता है, उसकी वही रेमिंगटन muscle memory इन परीक्षाओं में दोबारा काम आती है — एक ही practice set कई भर्तियों को कवर करता है। यही वजह है कि steno/State-LDC पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी कोर्ट क्लर्क में Kruti Dev की ओर झुकते हैं।
किसी भी कोर्ट परीक्षा केंद्र पर Kruti Dev पहले से installed रहता है। पर घर पर फ़ॉन्ट न हो, तो स्क्रीन पर देवनागरी के बजाय Latin अक्षर दिखेंगे। हमारी इसी page पर Kruti Dev 010 फ़ॉन्ट locally लोड होता है — इंटरनेट बंद हो तब भी प्रैक्टिस सही देवनागरी में दिखती है। इसलिए अलग से फ़ॉन्ट install किए बिना भी आप कोर्ट-शैली के legal पैसेज पर मॉक दे सकते हैं।
15 WPM की baseline से 30 WPM तक पहुँचने में रोज़ तीस मिनट की 3-4 हफ़्ते की practice काफ़ी है — चाहे InScript हो या Remington। 12 WPM से नीचे हों तो 6-8 हफ़्ते लगाएँ। पहले शुद्धता (5-मिनट drill पर 98%), फिर स्पीड। रेमिंगटन पर पहले से अभ्यास है तो Kruti Dev और जल्दी आ जाता है। अंतिम हफ़्ते में अपने राज्य-HC जैसी legal-शैली के पैसेज drill करें।
SSC CHSL केंद्रीय है, एक तय पैटर्न पर (10-मिनट, 35/30 WPM, SSC का half-mistake आधारित error weighting)। कोर्ट क्लर्क राज्य-विशिष्ट है — हर High Court अपने नियम बनाता है (5-10 मिनट, 25-30 WPM), और कई कोर्ट सीधे gross-error प्रतिशत पर qualify तय करते हैं, SSC के half-mistake weighting से अलग। फ़ॉन्ट और कीबोर्ड लेआउट (Mangal/InScript, Kruti Dev/Remington) overlap करते हैं, पर अवधि, कटऑफ़ और स्कोरिंग का बारीक नियम अपने HC की नोटिफ़िकेशन में ही confirm करें।